बीकानेर। जिला कलक्टर नमित मेहता की अध्यक्षता में जिला पर्यावरण समिति की बैठक गुरुवार को आयोजित हुई।
जिले में पर्यावरण शुद्ध रहे, इसके लिए पॉलिथीन के उपयोग को रोकने, मेडिकल बॉयोवेस्ट के निस्तारण, औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले गंदे पानी के निस्तारण, मृत पशुओं के पेट से निकलने वाले पॉलिथीन को नष्ट करने आदि के संबंध में संबंधित विभागों द्वारा की गई कार्यवाही की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने मेडिकल बॉयोवेस्ट के निस्तारण की समीक्षा के दौरान ठेकेदार द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के मेडिकल बॉयोवेस्ट का निस्तारण नहीं किए जाने को गंभीरता से लिया और कहा कि संबंधित अनुबंधित ठेकेदार को निर्देश दिए जाने के बावजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से मेडिकल बॉयोवेस्ट का निस्तारण नहीं किया जाना लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि संबंधित फर्म के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
मेहता ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देेशानुसार पर्यावरण की दृष्टि से बनाए जा रहे जिला प्लान की समीक्षा की। बैठक में बताया कि नोखा नगर पालिका के अलावा सभी निकायों व विभागों ने इस संबंध में सूचनाएं उपलब्ध करवा दी हैं। इस पर मेहता ने अतिरिक्त जिला कलक्टर (नगर) को निर्देश दिए नोखा नगर पालिका से जिला प्लान की सूचना लेकर आवश्यक कार्यवाही करें। उन्होंने रिडमलसर पुरोहितान की 382 बीघा भूमि की सुरक्षा और पौधारोपण के संबंध में फीडबैक लिया और कहा कि यह भूमि वन विभाग के अधीन है, लेकिन इसकी मैपिंग नहीं है। अतः तहसीलदार और वन विभाग संयुक्त रूप से इस भूमि की मैपिंग करे। मैपिंग होने पर वन विभाग इस भूमि की सुरक्षा सही रूप से कर सकेगा।

चिड़ियाघर के जानवर आगामी 6 माह में बॉयोलॉजिकल पॉर्क में हो शिफ्ट-
 जिला कलक्टर ने प्रगतिरत बॉयोलॉजिकल पार्क के निर्माण कार्य और उपलब्ध बजट की समीक्षा की और कहा कि आरएसआरडीसी को पार्क के निर्माण के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध करवा दिया गया है। उन्होंने उप वन संरक्षक (वन्य जीव) को निर्देश दिए निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए आगामी 6 माह में चिड़ियाघर के जानवर बॉयोलोजिकल पार्क में शिफ्ट हो जाएं, इसके प्रयास करे।
जिला कलक्टर ने बीछवाल व करणी औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले गंदे पानी के निस्तारण पर जोर दिया और कहा कि कॉमन एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीइटीपी) लगवाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। इसके लिए उन्होंने रीको, प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी को मौका निरीक्षण के निर्देश दिए और कहा कि सीइटीपी लगवाने की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
पॉलिथीन के विरूद्ध अभियान चलाएं-
उन्होंने प्रतिबंधित पॉलीथीन के उपयोग पर पूर्णतया रोक लगाने के निर्देश दिए और कहा कि नगर निगम पॉलिथीन बैग की जब्ती के लिए अभियान चलाए। इस कार्य में उन्होंने पुलिस प्रशासन का सहयोग लेने की बात कही। अभियान के तहत पॉलिथीन की जब्ती करें एवं एक्ट के प्रावधानों के अनुसार सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के लिए एन.जी.ओ. का सहयोग लेने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निगम प्लास्टिक कचरा प्रबंधन का प्लान बनाए। उन्होंने जोहड़बीड गिद्ध संरक्षण क्षेत्र में नगर निगम द्वारा डाले जा रहे मृत पशुओं के पेट से निकलने वाला कचरा/थैलियों को नष्ट करने के भी निर्देश दिए। इस कचरे नियमानुसार डिस्पोजल किया जाए। उन्होंने बीकानेर शहर के नजदीक वन क्षेत्र विकसित करने के संबंध में वन विभाग को निर्देश दिए।
घर-घर औषधीय पौधों का वितरण-
 जिला कलक्टर ने घर-घर औषधि योजना के तहत जिले में पौधे वितरण की कार्ययोजना की समीक्षा की और कहा कि योजना का गांव-ढ़ाणी तक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके लिए परम्परागत प्रचार-प्रसार की गतिविविधयां आयोजित हां। लोक कलाओं के माध्यम से आमजन को जागरुक किया जाए। उन्होंने कहा कि पौध वितरण का रूटचार्ट तैयार कर, पौधों का वितरण किया जाए। उन्होंने बीकानेर शहर में नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्र में जिला परिषद को पौधों के परिवहन की जिम्मेदारी दी।
राष्ट्रीय पक्षी मोर संरक्षण की चर्चा के दौरान उन्होंने मोरों की मृत्यु से संबंधित मामलों की जानकारी ली और निर्देश दिए शिकार अथवा अन्य कारणों से मृत मोर के मामलों का अनुसंधान तेजी से किया जाए। उन्होंने कहा कि वन विभाग मोरों की मृत्यु से संबंधित मामलों के दर्ज प्रकरणों का न्यायालय में समय पर चालान पेश करें।
अवैध आरा मशीन घारकों के खिलाफ हो कार्यवाही-
 बैठक में क्षेत्र में पेड़ों के अवैध कटान, लकड़ी के अवैध परिवहन, अवैध आरा मशीन के संचालन की समीक्षा की गई और कहा कि लाईसंेस शुदा आरा मशीनों का ही संचालन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना लाईसेंस शुदा आरा मशीन अगर चल रही है तो तुरन्त प्रभाव से बंद करवाई जाए। उन्होंने पेड़ों के अवैध कटान और परिवहन पर नज़र रखने के निर्देश दिए और कहा कि ऐसे मामले पाए जाने पर संबंधित से जुर्माना वसूला जाए।
बैठक में अतिरिक्त मण्डल वन अधिकारी रंगास्वामी ई, जिला कलक्टर (शहर) अरूण प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त ए.एच.गौरी, डीएफओ (वन्य जीव) वीरेन्द्र सिंह जोरा, उपवन संरक्षक छत्तरगढ़ एस.के. आबूसरिया, सहायक वन संरक्षक बीकानेर नरेन्द्र चौधरी सहित चिकित्सा, रीको, उद्योग, प्रदूषण बोर्ड आदि विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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