बीकानेर,नागालेण्ड के फर्जी आर्म्स लाइसेंस प्रकरण के सिलसिले में गुरुवार को बीकानेर आई एटीएस की टीम यहां में कमला कॉलोनी इलाके में दबिश देकर कोटगेट थाने के हिस्ट्रीशीटर जावेद कादरी को दबोच ले गई। इस प्रकरण में एटीएस पहले भी बीकानेर के चार जिप्सम कारोबारियो को गिरफ्तार कर चुकी है। इनके खिलाफ उदयपुर में मुकदमा दर्ज है। प्रकरण में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जानकारी के अनुसार आरोपी को दबोचने के लिये एटीएस की टीम बुधवार की रात ही बीकानेर पहुंच गई थी, सुबह कोटगेट थाने से इमदाद लेकर कमला कॉलोनी पहुंची और जावेद कादरी के मकान में दबिश देकर उसे हिरासत में ले लिया। बताया जाता है कि जावेद कादरी के खिलाफ कई अपराधिक केस दर्ज है। इससे पहले बीते सप्ताह एटीएस की टीम फर्जी आर्मूस लाइसेंस प्रकरण में आरोपी कमल किशोर भाटी (38) पुत्र बृजमोहन भाटी निवासी वार्ड नंबर-66 कोटगेट, नवल सिंह (35) पुत्र देवी सिंह निवासी वार्ड नंबर 3 सर्वोदय बस्ती, जुगल सिंह (40) पुत्र अर्जन सिंह निवासी सर्वोदय बस्ती और बृजेन्द्र सिंह शेखावत (39) पुत्र लूण सिंह निवासी रामपुरा बेरी हमीरवाल चूरू हाल वार्ड नंबर 3 सर्वोदय बस्ती को दबोच चुकी है। इनके खिलाफ उदयपुर के सुखैर थाने में 2017 में फर्जी आस लाइसेंस का प्रकरण दर्ज हुआ था। आरोपियों ने नागालैण्ड राज्य से फर्जी आर्म्स लाइसेंस जारी करवाकर हथियार खरीद किए थे। जानकारी में रहे कि नागालैंड से बीकानेर के भी 84 लोगों ने फर्जी आर्मूस लाइसेंस बनवाए थे। पुलिस ने मामले की जांच के बाद 63 लोगों को क्लीन चिट देते हुए 21 के खिलाफ चालान की सिफारिश की थी। प्रकरण की फाइल अब एसओजी के पास है। इस प्रकरण को लेकर नया शहर थाने में दर्ज मामले में नया शहर थाने का हिस्ट्रीशीटर दीपक आरोड़ा, जावेद खान, नितिन चढ्डा और जुगल राठी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने अपनी जांच में चारों को ही मुलजिम नहीं माना था।

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