29 साल पुराने केस की फाइल दफ्तर दाखिल, क्याेंकि 1 आराेपी फरार,

गवाहों के इंतजार में 33 रुपए, आधा किलो हींग और घड़ी लूट का एक मामला 29 साल तक कोर्ट में चला। इस दौरान एक आरोपी की मौत हो गई, दूसरा फरार घोषित कर दिया गया और तीसरा संदेह का लाभ लेकर बरी हुआ। लेकिन केस किसी नतीजे तक नहीं पहुंचा। अब कोर्ट ने फाइल दफ्तर दाखिल कर दी। चूंकि एक आरोपी फरार है और नियमानुसार उसकी गिरफ्तारी के बाद केस फिर से शुरू हो सकता है इसलिए कोर्ट ने पत्रावली सुरक्षित रखने के लिए कहा है।

6 नवंबर, 92 को हींग बेचने वाले भंवरलाल ने रामपुरा बस्ती में गुरनामसिंह, सिपाही बलवीरसिंह और सरकारी ड्राइवर कैलाशसिंह पर 33 रुपए, आधा किलो हींग और घड़ी लूटने का आरोप लगाते हुए नयाशहर थाने में केस दर्ज करवाया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए गिरफ्तार किया और 16 मार्च, 93 को कोर्ट में चालान पेश कर दिया। लेकिन, तारीख पर तारीख पड़ती रही और परिवादी सहित एक भी गवाह कोर्ट में पेश नहीं हुआ। इस दौरान आरोपी कैलाश की मौत हो गई। 15 फरवरी, 05 को उसके खिलाफ कार्रवाई ड्राॅप कर दी गई।

गुरनामसिंह वर्ष, 98 से कोर्ट में पेश नहीं हुआ तो उसके खिलाफ लगातार वारंट जारी होते रहे। आखिरकार 14 जनवरी, 21 को उसे फरार घोषित कर दिया गया। कोर्ट ने मामले की जांच करने वाले अनुसंधान अधिकारी तत्कालीन एसएचओ राजपाल गोदारा को जमानती वारंट पर तलब किया, जो जयपुर एसीबी में एएसपी हैं। उन्होंने 15 दिसंबर को कोर्ट में पेश होकर आरोपियों के खिलाफ बयान दिए। लेकिन, विशिष्ट अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-1 ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपी बलवीरसिंह को बरी कर दिया और फाइल को दफ्तर दाखिल करने के आदेश दिए।

तारीख पर तारीख पड़ती रही…सिर्फ जांच अधिकारी बयान देने आया

29 साल तक चले लूट के मामले में परिवादी सहित कुल छह गवाह थे। इनमें से एकमात्र अनुसंधान अधिकारी तत्कालीन एसएचओ राजपाल गोदारा के ही बयान हुए। खुद परिवादी भंवरलाल के आज तक कोर्ट में बयान नहीं हुए। जसरासर निवासी हनुमान बिश्नोई, रामपुरा बस्ती निवासी रामपाल शर्मा, लालाराम व पीबीएम अस्पताल के डॉ. महेश भारद्वाज गवाह थे, जो कोर्ट में पेश ही नहीं हुए।

FIR: नकली हींग बेचने का आरोप लगाकर फेरीवाले से मारपीट की थी
यूपी निवासी भंवरलाल रानीबाजार इंडस्ट्रियल एरिया में किराये के मकान में रहता था और 15 सालों से बीकानेर में हींग बेचने का काम करता था। छह नवंबर, 92 को उसने नयाशहर थाने में रिपोर्ट दी कि वह दिन में 11.30 बजे रामपुरा बस्ती में हींग बेचने गया था। वहां गुरनामसिंह ने आवाज लगाकर अपने मकान में बुलाया। मकान में गुरनामसिंह के साथ सिपाही बलवीरसिंह और आरसीपी में ड्राइवर कैलाशसिंह शराब पी रहे थे। उनके कहने पर हींग दिखाई। तीनों ने नकली हींग बेचकर लोगों को ठगने का कहते हुए उसके साथ मारपीट की। हींग बेचकर कमाए 33 रुपए, आधा किलो हींग और घड़ी लूट ली। 394, 323, 34, 188 आईपीसी में केस दर्ज हुआ था।

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