गहलोत ने पुराना बजट पढ़ा, पहली बार कार्यवाही स्थगित

जयपुर ।मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज विधानसभा में पुराना बजट भाषण पढ़ दिया। करीब 6 मिनट तक वे पुराना बजट पढ़ते रहे, तब महेश जोशी ने उनके कान में आकर कुछ कहा। इस दौरान विपक्ष ने भारी हंगामा शुरू कर दिया।

भारी हंगामा करते हुए विपक्षी सदस्य सदन के वेल में आ गए। विपक्ष ने ये भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने पुराना बजट पढ़ा है। भारी हंगामे के कारण सदन आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी गई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव ऊषा शर्मा को तलब किया और अफसरों की लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की।

राजस्थान में पहली बार बजट भाषण के दौरान सदन की कार्यवाही स्थगित की गई है। दैनिक भास्कर ने इसकी पड़ताल की तो सामने आया कि मुख्यमंत्री भाषण की शुरुआत की तो वह शेर पिछले भाषण में नहीं था, लेकिन इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना की घोषणा पिछले साल ही की गई थी।

2022 के बजट भाषण का अंश, जिसमें इंदिरा गांधी शहरी रोजगार योजना और मनरेगा के तहत रोजगार के 125 दिन करने की घोषणा की गई थी। इससे पहले मुख्यमंत्री ने बजट की जो भूमिका बनाई थी, वह नई थी।

जब गहलोत ने दो पॉइंट हूबहू पढ़े तो देख सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने सीएम के कान में आकर कुछ कहा। इसी बीच विपक्ष के नेता और उपनेता ने सवाल उठाया कि सीएम पुराना भाषण पढ़ रहे हैं और बजट लीक हो गया है।। इस पर हंगामा शुरू हो गया। बीजेपी विधायकों ने वेल में आकर हंगामा शुरू कर दिया तो हंगामा बढ़ने लगा तो स्पीकर ने 11 बजकर 12 मिनट पर आधे घंटे के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

पढ़िए, बजट की वे पुरानी लाइनें, जो गहलोत ने पढ़ीं…

– अब मैं, शहरों में भी रोजगार सुनिश्चित करने के लिए ‘इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना’ लागू करने की घोषणा करता हूं। इस योजना के माध्यम से आगामी वर्ष से शहरी क्षेत्रा में निवास करने वाले परिवारों को भी उनके द्वारा मांगे जाने पर प्रतिवर्ष 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध हो सकेगा। इस पर लगभग 800 करोड़ रुपए वार्षिक खर्च होंगे।

कोविड से उत्पन्न परिस्थितियों का सामना करने में सहायता देने की दृष्टि से आगामी वर्ष मैं, महात्मा गांधी नरेगा योजना में उपलब्ध 100 दिवस के रोजगार को राज्य सरकार के खर्चे पर बढ़ाते हुए 125 दिवस करने की घोषणा करता हूं। इस पर लगभग 750 करोड़ रुपये व्यय होंगे।

– कोरोना काल के दौरान शिक्षा में हुए नुकसान की भरपाई के लिए आगामी वर्ष स्कूली विद्यार्थियों के लिए 3 माह की अवधि के ब्रिज कोर्स चलाए जाना प्रस्तावित है। इसके लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जायेगा।

– कोरोना काल में सभी वर्गों के परिवार आर्थिक रूप से प्रभावित हुए हैं। अब मैं, अल्प आय वर्ग के साथ-साथ समस्त 118 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को…..मुख्यमंत्री ने इतनी लाइन पढ़ी ही थीं कि महेश जोशी ने आकर सीएम को बताया कि यह पुराना बजट है।

सरकार का यह बजट राहत, बचत और बढ़त के कॉन्सेप्ट पर लॉन्च किया जा रहा है। एक दिन पहले गहलोत ने बजट भाषण को अंतिम रूप दिया था।

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