




आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने की नियमित करने की मांग:सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
हनुमानगढ़।आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित अन्य मानदेय कर्मियों ने अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनर तले शुक्रवार को जिला कलक्ट्रेट पर विरोध-प्रदर्शन किया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित अन्य मानदेय कर्मियों ने अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनर तले शुक्रवार को जिला कलक्ट्रेट पर विरोध-प्रदर्शन किया।
नियमित करने की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित अन्य मानदेय कर्मियों ने अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनर तले शुक्रवार को जिला कलक्ट्रेट पर विरोध-प्रदर्शन किया। विरोध-प्रदर्शन के बाद संघ की प्रदेश मंत्री सीमा भाटी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को 7 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
संघ की प्रदेश मंत्री सीमा भाटी ने बताया कि ग्राम पंचायत साथिन जो कि राज्य सरकार की ओर से लगाई गई हैं। उन्हें केन्द्र की ओर से कोई मानदेय नहीं मिलता। साथिन केवल राजस्थान राज्य में ही हैं जो कि पूरी पंचायत में पूरे दिन फील्ड वर्क करती हैं। साथिन 18-20 साल से काम कर रही हैं। इन्हें नियमित किया जाए। इसके अलावा ज्ञापन में नियमित नहीं किए जाने तक साधिनों को 15 से 18 हजार रुपए तक मानदेय देने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और आशा की तरह ग्राम पंचायत साथिनों को 10-10 दिनों का शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन अवकाश देने, ग्राम पंचायत साथिनों का पंचायत स्तर पर अलग से कमरा आवंटित करने, ब्लॉक स्तर और जिला स्तर पर बैठक का यात्रा भत्ता, बैठक की व्यवस्था के लिए खर्चा और अन्य स्टेशनरी का भुगतान करने, महिला पर्यवेक्षक के नए पदों का सृजन भारत सरकार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के पदों के अनुसार करने, 245 महिला पर्यवेक्षक पदों को स्वीकृत कराने, ग्राम साथिन से महिला पर्यवेक्षक के नियमित पदों पर लाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के तर्ज के अनुसार 50 प्रतिशत पद ग्राम साथिनों के लिए आरक्षित करने की मांग की। इस मौके पर सरोज, सीमा, किरण, बाला, नीतू, पुष्पा, संजू, शांति, संतोष मौजूद रहीं।
