पानी जमा:बारिश ने खाेली शहर के नाला सफाई की पाेल, पानी जमा होने से उखड़ रही सड़कें

 

बीकानेर।रविवार काे हुई 72 मिमी बारिश, 24 घंटे बाद भी उफान मार रहे हैं शहर के नाले
रविवार काे हुई 72 मिलीमीटर बारिश ने नगर निगम की ओर से नाला सफाई की पाेल खाेल कर रख दी। जाे निगम दावा कर रहा था कि जाेन वार जेसीबी से नाला सफाई हाे रही वही नाले बारिश बंद हाेने के 24 घंटे बाद भी उफान मारते रहे। गलियाें से लेकर सड़काें पर पानी साेमवार तक भरा रहा। जूनागढ़ की खाई की अगर दीवार ना ढहती ताे पुरानी गिन्नानी के सैकड़ाें घर खतरे में आ जाते। पेट्रोल पंप के पास नाला इतनी बुरी तरह जाम है कि निगम कार्यालय के पीछे तक पानी जमा है।

पुरानी गिन्नाणी माता जी मंदिर के पास सड़क पर कीचड़ ने दलदल का रूप ले लिया है। सबसे निचली सड़क होने के कारण आई मिट्‌टी सड़क पर एक फीट तक जमा हो गई। पानी निकलने के बाद अब सड़क फिसलनी हो गई। वाहन से तो दूर पैदल चलना भी दूभर है। विवेक नगर डिस्पेंसरी के पास ताे एक सड़क पर इतना कीचड़ है कि पैदल आदमी काे चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। नालाें के इतने बुरे हाल हैं कि पाॅलिथीन से अटे पड़े हैं। सुजानदेसर ब्राह्मणाें के माेहल्ले में साेमवार काे जमा पानी काे कलेक्टर ने भी देखा। जाम नाले के मुद्दे पर उन्हाेंने निगम आयुक्त केसरलाल मीणा काे निर्देश भी दिए। कलेक्टर के सामने ही नाला सफाई की हकीकत सामने आ गई। दरअसल निगम आयुक्त ने नाला सफाई के आदेश ताे किए लेकिन सफाई हुई या नहीं ये देखने के लिए वे खुद नहीं निकले। जाे स्टाफ ने उन्हें बताया उसे मान लिया और यही वजह है कि नालाें की सफाई व्यवस्था ध्वस्त हाे गई। मानसून में ये सफाई व्यवस्था लाेगाें के लिए तकलीफ बनेगी।

 

Join Whatsapp