




जबड़ा काटकर निकाली गर्दन में फंसी बंदूक की गोली
जयपुर।जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल (एसएमएस) में एक जटिल सर्जरी की गई। इस सर्जरी से मरीज के गर्दन में फंसी बंदूक की गोली को निकाला गया। मरीज अब बिल्कुल ठीक है। होश में आ गया है। सर्जरी में सबसे मुश्किल बायीं तरफ की खून सप्लाई करने वाली वर्टेब्रल आर्टरी (नस) को डैमेज होने से बचाना था। गोली इस आर्टरी के बिल्कुल पास आकर फंस गई थी। अगर यह आर्टरी डैमेज हो जाती तो मरीज नहीं बच पाता।
एसएमएस हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. अचल शर्मा ने बताया- न्यूरोसर्जरी डिपार्टमेंट में इस माह की यह दूसरी सबसे जटिल सर्जरी है, जो सफल रही। यह सर्जरी सीनियर प्रोफेसर डॉ. मनीष अग्रवाल के नेतृत्व में डॉ. रोहित बाबल, डॉ. अब्दुल रउफ गौरी, डॉ. संग्राम बल और डॉ. मोहित ने की। इस दौरान मरीज चार दिन हॉस्पिटल में ही एडमिट रहा।
गोली ऐसी जगह फंसी, जहां से निकालना मुश्किल था
सर्जरी करने वाले डॉ. मनीष अग्रवाल ने बताया- मरीज केसरमल कोटपूतली का रहने वाला है। एक सप्ताह पहले उसे किसी व्यक्ति ने गोली मार दी थी। गोली कान और जबड़े के बीच से होकर गर्दन में जाकर रीढ़ की हड्डी और गर्दन को जोड़ने वाली जगह के पास पीछे की तरफ वर्टेब्रल आर्टरी के नजदीक फंस गई। गोली ऐसी जगह आकर फंसी थी कि उसे निकालना बहुत मुश्किल था।
माइक्रोस्कोप और फ्लोरोस्कोपी की मदद से निकाली 3 सेमी लम्बी गोली
डॉ. मनीष अग्रवाल ने बताया- काफी जांच और कंसल्टेशन के बाद प्लास्टिक सर्जरी डिपार्टमेंट के साथ सर्जरी शुरू की। गर्दन और जबड़े वाले हिस्से को काटकर माइक्रोस्कोप और फ्लोरोस्कोपी की मदद से 3 सेमी. लम्बी गोली बाहर निकाली गई। इस पूरी सर्जरी में करीब डेढ़ घंटे से ज्यादा का समय लगा। उन्होंने बताया- इस दौरान हमारी टीम का पूरा फोकस बायीं तरफ की वर्टेब्रल आर्टरी को डैमेज होने से बचाना था। सर्जरी पूरी होने के बाद प्लास्टिक सर्जरी डिपार्टमेंट के डॉक्टर आर.के. जैन और डॉ. रंजना ने ऑपरेशन करके टूटे जबड़े को जोड़ दिया।
क्या होती है बायीं वर्टेब्रल आर्टरी
वर्टेब्रल आर्टरी को हिंदी में कशेरूका वाहिनी कहते हैं। इस मेन आर्टरी के जरिए इंसान के मस्तिष्क को पूरा खून सप्लाई होता है। अगर यह आर्टरी कहीं से भी डैमेज हो जाए तो इंसान का बचना मुश्किल होता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि दूसरे देशों में प्रोफेशनल स्नाइपर (बंदूक चलाने वाले) अगर किसी दुश्मन को मारते हैं तो इसी आर्टरी के आस-पास टारगेट करते हैं, ताकि इंसान बच न सके।
क्या है मामला
दरअसल, 15 जनवरी की रात 10 बजे जयपुर ग्रामीण के प्रागपुरा थाना इलाके में शिव नगर के पास दो गुटों में फायरिंग हो गई। दोनों गुटों की ओर से 10 से ज्यादा राउंड फायर किए गए। फायरिंग में एक युवक केसरमल को गोली लग गई थी। घटना के तीन मुख्य आरोपियों रविकांत (29), महिपाल (31) और भवानी शंकर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
