नहरबंदी से फिर जलसंकट की दस्तक,

जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता (उत्तर क्षेत्र) अमरजीत मेहरड़ा ने बताया कि ओटू हैड पर लगातार गेज बढ़ रहा है। घग्घर नदी में 14 हजार क्यूसेक पानी आ रहा है। इसमें से नाली बेल्ट में बुधवार को पानी बढ़ाकर 5800 क्यूसेक कर दिया गया। इसमें से 3200 क्यूसेक इंदिरा गांधी नहर परियोजना और अनूपगढ़ ब्रांच में शिफ्ट किया जा रहा है। आरडी 629 इंटेंक स्ट्रक्चर से नहर में पानी दिया जा रहा है। आईजीएनपी में अभी बिरधवाल हैड से नीचे पानी की आपूर्ति शून्य है। यानी इंदिरा गांधी नहर परियोजना में बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर, बाड़मेर समेत आठ जिलों में नहरी पानी की आपूर्ति दस दिन से बंद है। हरिके बैराज से 10 जुलाई को राजस्थान फीडर में पानी की आपूर्ति शून्य कर दी गई थी।

आज नहरी विभाग से करेंगे वार्ता

जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता दीपक बंसल ने बताया कि करीब पांच दिन से शोभासर और बीछवाल जलाशय में नहरी पानी की आपूर्ति बंद है। दोनों जगह भंडारित पानी से शहर को नियमित जलापूर्ति 15 दिन की जा सकती है। दो दिन का पानी रिजर्व रखते हैं। अभी करीब पांच दिन हुए हैं। ऐसे में गुरुवार को जलदाय विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर आगे का प्लान पूछेंगे। ग्रामीण अंचल में डिग्गियों में पानी कम भंडारित रहता है। ऐसे में वहां के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जाएगा। अभी एक सप्ताह कोई दिक्कत नहीं है। इसके बाद नहरों में पेयजल के लिए तो पानी छोड़ना ही पड़ेगा। अन्यथा पेयजल आपूर्ति में आगे दिक्कत आ सकती है।

इंडेंट भेजने पर पांच दिन बाद मिलेगा

इंदिरा गांधी नहर परियोजना को पंजाब के फिरोजपुरा जिले में बने हरिके हैडवर्क्स से पानी दिया जाता है। राजस्थान की ओर से पंजाब को नहर में पानी देने के लिए इंडेंट देना पड़ेगा। यह मिलने पर ही पंजाब पानी छोड़ेगा। हरिके से पानी छोड़ने के कम से कम पांच दिन में बीकानेर जिले को पेयजल आपूर्ति के लिए मिलने लगेगा। आगे जोधपुर तक पहुंचने में आठ दिन लग जाएंगे। ऐसे में जलदाय विभाग के भंडारित पानी समाप्त होने से एक सप्ताह पहले नहर में हरिके से पानी नहीं छोड़ा गया, तो जल संकट गहरा जाएगा। जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता ललित स्वामी ने बताया कि बिरधवाल हैड से नीचे आईजीएनपी और इसकी प्रणालियों में जलापूर्ति शू

न्य है।

Join Whatsapp