कांग्रेस के बैंक खाते को फ्रीज करने की असली कहानी आई सामने, आयकर विभाग ने याद कराए नियम

नई दिल्ली। कांग्रेस की ओर से यह आरोप लगाया जा रहा है कि आयकर विभाग ने पार्टी के खाते को फ्रीज कर दिया। पार्टी इसे सरकार का राजनीतिक हमला बता रही है। लेकिन आयकर विभाग के अधिकारियों की

मानी जाए तो कांग्रेस का खाता फ्रीज नहीं किया गया है। पार्टी उसमें पैसा जमा कर सकती है। लेकिन निकाल तभी पाएगी जब आयकर विभाग के 115 करोड़ रुपए की निकासी हो जाएगी।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, बकाए की वसूली के लिए यही सामान्य प्रक्रिया है जो हर आम आदमी पर भी लागू होता है। खाते से जुड़े अन्य संचालन पहले की तरह जारी रहेंगे। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस पर इनकम

टैक्स की देनदारी का मामला वर्ष 2018-19 से चल रहा है। उस अवधि में कांग्रेस पर 103 करोड़ की टैक्स देनदारी बन रही थी।
कांग्रेस ने समय पर नहीं किया रिटर्न फाइल
सूत्रों के मुताबिक, उस अवधि में कांग्रेस ने समय पर इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया था जिससे उन पर पेनाल्टी भी लगाई गई थी। वर्ष 2021 में कांग्रेस पर बकाए राशि का मूल्यांकन किया गया जो 105 करोड़ हो

गया जो वर्तमान में 115 करोड़ तक हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2020-21 में कांग्रेस इनकम टैक्स की मांग के खिलाफ आयुक्त स्तरीय अपील में चली गई।
कांग्रेस ने जमा नहीं की पूरी रकम
नियम के मुताबिक, अपील में जाने के लिए देनदारी राशि की 20 प्रतिशत रकम जमा की जाती है जो 21 करोड़ बनता था। लेकिन कांग्रेस ने सिर्फ 78 लाख रुपए जमा किए। यानी एक फीसद से भी कम। इस वजह से

2021-22 में अपील को खारिज कर दिया गया। वर्ष 2023 के मई में कांग्रेस दोबारा अपील में गई। इस बार पार्टी ने इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (आईटीएआई) में अपील दाखिल की।
21 फरवरी को को होगी सुनवाई
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस ने वर्ष 2023 के अक्टूबर माह में 1.72 करोड़ रुपए जमा किए। सूत्रों के मुताबिक, विभाग नियम के मुताबिक कांग्रेस से बकाए की मांग करता रहा और कांग्रेस अपनी मर्जी के हिसाब से भुगतान

करती रही। अब आईटीएटी में सुनवाई चल रही है और इस संबंध में अभी कोई ऑर्डर पारित नहीं किया है। आईटीएटी में मामले की अगली सुनवाई 21 फरवरी को है। सूत्रों का कहना है कि ऐसा नहीं है कि इनकम टैक्स

विभाग सिर्फ कांग्रेस पर बकाए राशि की वसूली के लिए खाते की राशि को फ्रीज किया गया है।
सीए ने बताया क्या है प्रविधान
ऐसा सभी के साथ हो सकता है और इस काम के लिए इनकम टैक्स पर कोई पाबंदी नहीं है। टैक्स एक्सपर्ट व चार्टर्ड एकाउंटेंट असीम चावला के मुताबिक, अगर अपीलेट ट्रिब्यूनल ने मामले में स्टे दे रखा है तो इनकम

टैक्स विभाग अपीलकर्ता के खाते की रकम को फ्रीज नहीं कर सकता है, लेकिन अगर स्टे नहीं लगाया गया है तो इनकम टैक्स विभाग वसूली के लिए खाते की रकम को फ्रीज कर सकता है।

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