




अब शहर के नशेडियों की नहीं है खेर,नशाखोरों पर पुलिस कभी भी कर सकती है सर्जिकल स्ट्राइक, तिवाड़ी को सौंपी कमान
अब शहर के नशेडियों की नहीं है खेर,नशाखोरों पर पुलिस कभी भी कर सकती है सर्जिकल स्ट्राइक, तिवाड़ी को सौंपी कमान
बीकानेर। शहर में लगातार बढ़ रहे नशे के कारोबार से अब बीकानेर पुलिस दो दो हाथ करेगी। जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने इल तस्करों की कुंडिलया तैयार कर रहे है जो नशे का कारोबार कर रहे है। जिला पुलिस ने नशे पर लगाम लगाने के लिए अब नशा तस्करों की कुंडली तैयार करनी शुरू की है।पुलिस ने मादकपदार्थ तस्करी के आरोप में जेल में बंद अपराधियों और उनके मुलाकातियों की सूची तैयार कर रही है। इसके आधार पर नशे केनेटवर्क की निगरानी शुरू की जाएगी। इस काम में जेल प्रशासन से पुलिस प्रशासन मदद ले रहा है। इस प्रोजेक्ट को अतिरिक्तपुलिस अधीक्षक शहर सौरभ तिवाड़ी को सौंपा गया है।जिले में साल दर साल मादक पदार्थ तस्करी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। पिछले पांच सालों में मादक पदार्थ तस्करी का काला कारोबार दस गुना तक बढ़ गया है। कई बड़े नामचीन लोगों की संलिप्तता सामने भी आई है। नशे के कारोबार में 18 से 25 साल तक के युवाओं की लिप्तता भी बढ़ रही है। इसमें एक से दूसरी जगह ट्रेवल करने वाले कुछ टैक्सी चालक भी शामिल है। वहीं कुछ कॉलेज के युवा वर्ग में इस काले धंधे में शामिल है।
इन इलाकों में नशेडियों की भरमार
शहर के नत्थुसर गेट के बाहर व अंदर, पुष्करणा छात्रावास, नाथ जी का धोरा, करमीसर चौराह, मुरलीधर व्यास नगर, भुट्टों का चौराहा, भाटो का बास, गोपेश्वर बस्ती, मोहता की सराय, कादरी कॉलोनी, मोहता चौक, बेणीसर बारी, जस्सूसर गेट सहित कई ऐसे स्थान है जहां पर नशेडियों को नशा आराम से मिल जाता है।
बिना नंबर व राजस्थान सरकार लिखी गाडिय़ों पूरी रात शहर के अंदर घुमती है
अगर देखा जाये तो शहर में बिना नंबर व राजस्थान सरकार लिखी गाडिय़ों पूरी रात शहर में घुमती है इनको रोक कर पूछने वाला कोई नहीं है कि बिना नंबर की गाड़ी किसकी है कौन लेकर आया है ऐसे ही राजस्थान सरकार लिखी गाड़ी को रोककर पुलिस नहीं पूछती कि किसी अधिकारी का गाड़ी है या किसी अधिकारी को गाड़ी मिली हो और उसके परिवार वाले उसका उपयोग कर रहे है। आखिर यह गाडिय़ों देर रात तक शहर में घुमकर क्या करती है। कही इन गाडिय़ों में तो नशे का कारोबार नहीं होता हो।
