Sanwadiya Magazine_October

पाक्षिक ई-पत्रिका ‘संवदिया’ का द्वितीय अंक देश के जाने-माने रचनाकारों के प्रभावी लेखन में हिन्दी की उत्कृष्ट रचनाओं के साथ आपके समक्ष है। नये अंदाज़ में प्रारम्भ की गयी इस पहल को पाठकों का मार्गदर्शन व आशीर्वाद मिलता रहे, इस दिशा में हमारा हर सम्भव प्रयास जारी है। सरल, सहज व सुलभ रूप में पाठकों तक उपस्थिति दर्ज करवाने में ‘दैनिक युगपक्ष’ का ई-प्लेटफार्म मददगार साबित रहा। साथ ही सिक्योर माध्यम भी बना। ‘संवदिया’ रूपी इस प्रयास का सकारात्मक पहलू यह रहा कि कम समय में वृहद स्तर पर लेखकों के भावों से बड़ी संख्या में पाठक सहजता से रुबरु हुए। रचनाओं की गम्भीरता, लेखन शैली. रचनात्मकता के साथ ही उसमें निहित भावों ने पाठकों पर गहरी छाप छोड़ी। हालांकि, मायड़ भाषा से प्रारम्भ हुई यात्रा की यह दूसरी कड़ी है, बावजूद इसके अक्टूबर माह के ‘संवदिया’ के इस अंक में कहानी, बाल कथा, पुस्तक समीक्षा, व्यंग्य, जन्मदिन विशेष, कविता, गीत, ग़ज़ल, मैनेजमेंट टिप्स सहित कुल 30 रचनाएं सुशोभित हो पायी हैं। इन रचनाओं को ख्यातनाम रचनाकारों ने अपने उत्कृष्ट भावों में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है।

पाठकीय दृष्टि से अशुद्धियों को दूर करके संपादित करने का पूर्ण प्रयास किया गया है, बावजूद उसके किसी भी प्रकार की रही त्रुटि हेतु हम क्षमा प्रार्थी रहेंगे। आशा है हमारा प्रयास आपको अवश्य पसन्द आएगा…

 

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