युगपक्ष ने कल ही चेताया था कि शहर में नशे का कारोबार बढ़ा, हो सकता है बड़ा हादसा

बीकानेर। बीकानेर शहर में नशे का कारोबार जिस तरह से बढ़ रहा है उससे आने वाले समय में बड़े खतरनाक परिणाम आ सकते है। शहर के अंदर देर रात तक खुलने वाली दुकानों से पुलिस बहुत परेशान है आये दिन पुलिस दुकानदारों को हिदायत देती है कि रात 12 बजे के बाद दुकानें बंद कर दें लेकिन पुलिस के पास सुबह ही राजनेताओं के फोन आ जाते है कि ये लोग हमारे मिलने वाले है और हमारा वोट बैक है आप इनको परेशान मत किया करों। जबकि राजनेताओं ने चुनावों में कहा था शहर जुआ सट्टा नशा नहीं होने देंगे लेकिन सरकार बनने से आज तक कोई असर देखने को नहीं मिला है शहर में जुआ चरम पर आईपीएल पर मानों तो शहर में अरबों रुपये का सट्टा होगा। शहर के अलग अलग इलाकों में सटोरियों ने अपना ठिकानें बना रखे है जहां शाम होते है पुरे उपक्रमों के साथ बैठते है। एक सटोरियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि हम ऊपर तक रुपये पहुंचाते है तभी तो हमारे पर कार्यवाही नहीं होती है। मजे की बात है बीट कांस्टेबल को अपने इलाके की पुरी जानकारी होने के बाद पुलिस कार्यवाही नहीं करती है। इसी तरह शहर के अंदर कई ऐसे तस्कर है जो एमडी, चरम, गांजा बड़े स्तर पर बेचते है लेकिन पुलिस की पकड़ से दूर है। पुलिस की लाख कोशिश के बाद भी आज तक शहर में कोई बड़ी कार्यवाही नही कर पाई है। जबकि शहर में बड़े तस्कर है जो इस काम में लिप्त है। जो रोजाना लाखों रुपये का नशा बेचते है। अगर देखा जाये तो शहर में चाकूबाजी, फायरिंग जैसे मामले प्राय: सट्टेबाजी व नशे के रुपये के लेनदेन को लेकर ही होते है। लेकिन पुलिस तह तक नहीं जाती इसलिए अपराधी थाने से ही छुट जाते है। जिससे वो अपराध करने में डरते नहीं है। खुलेआम फायरिंग करके शहर में दहशत का माहौल बनाते है। पुलिस आये दिन पिस्टल, व जिंदा कारतूस बरामद करते है लेकिन आज तक ये नही जानकारी मिली आखिर कौन है जो शहर में दहशत फैलने के उद्देश्य से हथियार बेच रहे है। युवा वर्ग का पिस्टल रखना फैशन बन गया है।

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