




युवक की हत्या के मामले ने पकड़ा तुल, परिजनों ने शव लेने से किया इंकार
बीकानेर (नसं)। नागौर जिले के सुरपालिया थाना इलाके के डेह गांव में 3 दिन पहले अपने ससुराल आए बीकानेर निवासी दामाद की शुक्रवार को हुई मौत के बाद मृतक के चाचा द्वारा दर्ज कराये गए युवक की ह्त्या के मामले में नामजद आरोपी पत्नी, सास, ससुर और साले की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया है। इससे पहले पुलिस ने नागौर छ्वरुहृ अस्पताल की मॉर्चरी में मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवा दिया था लेकिन परिजनों के इंकार और अस्पताल से चले जाने के बाद फिलहाल शव मोर्चरी में ही रखा हुआ हैं। जायल ष्टह्र रामेश्वरलाल का कहना है कि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से परिजनों से समझाइश की जा रही है। मृतक के चाचा भगवानाराम व उसके गांव के ओम सिंह ने बताया कि नामजद आरोपियों का परिवार पुलिस चौकी में साफ़-सफाई का काम करता है, इसलिए सुरपालिया स्॥ह्र शम्भूदयाल मीणा उन्हें बचाने के प्रयास कर रहे हैं और पूरी घटना को एक एक्सीडेंट करार दें रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब तक नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी वो शव नहीं लेंगे।
ये था मामला
बीकानेर जिले के खिंदासर निवासी 30 साल का धन्नाराम पुत्र कालूराम हरिजन 3 दिन पहले उसके ससुराल नागौर जिले के डेह गांव गया था। धन्नाराम उसकी पत्नी सोनू और बच्चों से मिलने आया था। वह शराब पीकर पत्नी सोनू से झगड़ा करता रहता था। इसलिए शादी के बाद सोनू ससुराल की बजाय अधिकतर समय पीहर में ही रहती है। शुक्रवार को उसके ससुराल पक्ष के परिजनों ने पुलिस को सूचना दी कि उनके दामाद को खून की उल्टियां हुईं और उसकी मौत हो गई है। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेते हुए राजकीय अस्पताल की मॉर्चरी में रखवाया। मृतक के परिजनों को भी घटना की जानकारी दी।
पुलिस सूचना पर शुक्रवार रात पहुंचे थे परिजन, लगाया हत्या का आरोप
पुलिस सूचना पर शुक्रवार देर रात पहुंचे धन्नाराम के चाचा भगवानाराम ने धन्नाराम की पत्नी सोनू, ससुर पांचाराम, सास व साले पर साजिश रचते हुए उसकी हत्या का आरोप लगाया। भगवानाराम ने बताया कि एक दिन पहले धन्नाराम कि बहन ने उसे फोन किया था, लेकिन पत्नी सोनू व ससुराल वालों ने उसकी बात नहीं करवाई। जिसके अगले दिन शुक्रवार को उन्होंने फोन कर धन्नाराम की मौत की जानकारी दी। शक होने पर यहां आकर धन्नाराम की लाश देखी तो उसके शरीर पर जगह-जगह चोट के निशान थे और नाक और मुंह से खून निकला हुआ था। इस पर उनका शक यकीन में बदल गया। भगवानाराम ने बताया कि पहले भी धन्नाराम के साथ ससुराल वाले कई बार झगड़ा करते आए हैं पर घरेलू विवाद मानकर कभी पुलिस में शिकायत नहीं की थी। इसके बाद शनिवार को पुलिस ने नागौर स्थित छ्वरुहृ अस्पताल की मॉर्चरी में मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम संपन्न करवा दिया लेकिन परिजनों के इंकार और अस्पताल से चले जाने के बाद फिलहाल शव मोर्चरी में ही रखा हुआ है।
