सीओ संजय बोथरा के खिलाफ स्थाई वारंटी घोषित

सीओ संजय बोथरा के खिलाफ स्थाई वारंटी घोषित
बीकानेर । बीकानेर के बहुचर्चित मोहमद हुसैन हत्याकांड के जांच अधिकारी रहे तत्कालीन सदर थाना प्रभारी संजय बौथरा को गवाही के लिये लगातार नोटिस जारी किये जाने के बावजूद वह कोर्ट में पेश नहीं हो रहे है। फिलहाल रिंगस सीओं संजय बौथरा की इस नाफरमानी को गंभीरता से लेते बीकानेर के अपर जिला एवं सेशन न्यायालय संया पांच ने उनके खिलाफ स्थायी वारंट के जरिये भगौड़ा घोषित कर उनका वेतन रोकने के साथ सीकर एसपी भुवन भूषण यादव से स्पष्टीकरण मांगा है। हालांकि इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सेशन न्यायालय संख्या सात में चल रही थी,लेकिन न्यायाधीश के अवकाश पर रहने से मामले की सुनवाई शुक्रवार को अपर जिला एवं सेशन न्यायालय संया पांच में होनी थी। पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर गवाह संजय बोथरा को तुरंत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने को कहा गया है। प्रकरण की अगली सुनवाई 5 जुलाई, 2024 सुनिश्चित की गई है।इससे पहले न्यायालय की ओर से संजय बोथरा को न्यायालय में उपस्थित होने के कई बार सम्मन भेजे गए थे। वे न्यायालय में नहीं पहुंचे तब 5 मार्च, 2024 को न्यायालय की ओर से उनके जमानती वारंट जारी किया गया था। अंतिम गवाह के तौर पर संजय बौथरा के उपस्थित नहीं होने के कारण न्यायालय ने उनके खिलाफ स्थायी वारंट जारी कर दिया। जानकारी में रहे कि करीब दस साल पहले सदर थाना इलाके में मोहमद हुसैन की धारदार हथियारों से वार कर हत्या कर दी गई थी। संगीन हालातों में हुए इस हत्याकांड की जांच तत्कालीन सदर एसएचओ संजय बोथरा ने मामले की जांच की थी। इस
हत्याकांड को लेकर अपर जिला एवं सेशन न्यायालय संया सात में चल रही है,मामले में 27 गवाहों के बयान हो चुके हैं। हत्याकाडं के जांच अधिकारी रहे संजय बोथरा अंतिम गवाह हैं जिनके बयान 28 मई 22 को शुरू हुए जो कोर्ट समय पूरा होने के कारण अधूरे रह गए। जिन्हे कोर्ट ने 24 नवंबर 22 को हाजिर होने के लिए पाबंद किया गया था। लेकिन, उसके बाद 19 माह बीत गए पर संजय बोथरा अपनी
गवाही पूरी करने कोर्ट में पेश नहीं हुए। डीवाईएसपी संजय बौथरा फिलहाल रिंगस सीओ पोस्ट पर तैनात है,कोर्ट ने उनका गिरतारी वारंट जारी किया, लेकिन वह 9 अप्रैल को भी तारीख पेशी पर नहीं आए। शुक्रवार 28 जून को उन्हे गवाही के लिये कोर्ट में पेश होना था लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। इसे गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने उनके सती दिखाई है।
यह हुई थी वारदता
दरअसल,दो गुटो में आपसी रंजिश के कारण 8 मार्च 14 की रात को पुरानी गजनेर रोड़ पर धारदार हथियारों से हमला कर मोहमद हुसैन की हत्या कर दी थी। उसके भाई मो. रफीक ने अगले दिन 9 मार्च को सदर पुलिस थाने में केस दर्ज कराया। पुलिस ने रसीद उर्फ लाला, पिल्लू, जबार उर्फ अदुल जबार, सुनील उर्फ बाबूलाल, रिंकू, सोनू उर्फ मो. इरफान, विक्की, बाबूलाल पुत्र रामलाल के खिलाफ कोर्ट में चालान
पेश किया। मामले के सभी गवाहों के बयान कोर्ट में हो गए। अंतिम गवाह तत्कालीन सदर थाना एसएचओ संजय बोथरा के बयान अधूरे हुए हैं।

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