अब डॉक्टरी छोड़कर साहित्य में हाथ आजमाएंगे डॉ अबरार

बीकानेर पिछले दो दशक से अपनी मायावी शक्तियों से लोगों का इलाज करने वाले डॉक्टर मोहम्मद अबरार पवार जल्द ही साहित्य की दुनिया में कदम रखेंगे। इसकी घोषणा अबरार ने पत्रकारों के समक्ष की। अबरार ने कहा कि बीकानेर में डॉक्टरों की कोई इज्जत नहीं रह गई है आए दिन लोग बड़ी अस्पताल में मारपीट करते हैं इससे मेरा इस पेशे से मोहभंग हो गया है। उन्होंने कहा वही देखता हूं कि कुछ लोग छोटी मोटी किताब छपवा कर जैसा सम्मान अर्जित कर रहे हैं वह दुखद है। अबरार ने कहा कि वह सबसे पहले शुरुआती दौर में एक अखबार के लिए रिपोर्टिंग करेंगे जिसमें वह कई लोगों के कच्चे चिट्ठे सामने रखेंगे। अबरार की इस पहल का पीबीएम के डॉक्टरों ने भी समर्थन किया है। वही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अबरार के इस निर्णय पर राहत की सांस ली है। सीएमएचओ ने कहा कि आज नहीं तो कल यह अबरार मेरी कुर्सी पर कब्जा करता समय रहते अब यह साहित्यकार बन जाएगा तो हमारी कुर्सी सलामत रहेगी। बताते हैं कि सीएमएचओ ऑफिस में एक ज्योतिषी के कहने पर अबरार ने यह कदम उठाया है। उधर अबरार के साहित्य की दुनिया में आने के समाचारों से शहर के साहित्यकारों में निराशा फैल गई है। कवि गोष्ठी में इन साहित्यकारों ने अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि कि जब अबरार जैसे लोग इस क्षेत्र में आ जाएगे तो हमें कौन पूछेगा। समय रहते उस ज्योतिषी से वापस सांठगांठ कर इसका निर्णय बदलवाने की मुहिम चलाई जाए। ज्योतिषी अविनाश व्यास को पटाने की जिम्मेवारी साहित्यकार बुलाकी शर्मा को दी गई है। शर्मा ने दावा किया कि वे व्यास जी को अपनी बातों में ले लेंगे व वापस अबरार को चिकित्सा क्षेत्र में ही भेजने को मजबूर कर देंगे।

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