राजस्थान मूल ओबीसी महासभा का गठन, मांगों को लेकर बनी सर्वसम्मति

राधेश्याम काम्या बने प्रदेश अध्यक्ष

सीकर,(मुहम्मद सादिक)। राजस्थान में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को मिलने वाले आरक्षण को लेकर लंबे समय से चली आ रही मांगों को जोर देने के लिए आज स्वर्णकार भवन में ओबीसी समाजों के प्रतिनिधियों की एक अहम बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में सभी मूल ओबीसी समाजों ने एकजुट होकर ‘राजस्थान मूल ओबीसी महासभा’ नामक प्रदेश स्तरीय संगठन बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। सर्वसम्मति से वरिष्ठ समाजसेवी राधेश्याम काम्या को इस महासभा का प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। बैठक की अध्यक्षता स्वर्णकार समाज के अध्यक्ष त्रिलोकचंद सोनी ने की। इस दौरान ओबीसी के हितों की रक्षा और आरक्षण के मुद्दे पर संघर्ष को धार देने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार से कई गंभीर मांगें की जानी हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

ओबीसी आरक्षण का वर्गीकरण सुनिश्चित हो:

राजस्थान में मौजूदा 21% आरक्षण को बढ़ाकर 27% किया जाए।ओबीसी आरक्षण को 9वीं अनुसूची में शामिल करके संवैधानिक संरक्षण दिया जाए।जातिगत जनगणना कराई जाए और 2011 के जातिगत आंकड़ों को सार्वजनिक किया जाए।जनसंख्या के अनुपात में राजनीतिक दलों में टिकट वितरण, संगठन में भागीदारी, नगर निकाय चुनाव, राज्यसभा मनोनयन आदि में ओबीसी को उचित प्रतिनिधित्व मिले।महिला आरक्षण में भी ओबीसी महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया जाए और यूजीसी कानून को लागू किया जाए।जातिगत जनगणना के बाद आबादी के हिसाब से 50% आरक्षण की मांग। सरकारी नौकरियों में ओबीसी आरक्षण का सही क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

इस मौके पर एड. रतनलाल सैनी ने बताया कि बैठक में विभिन्न समाजों के प्रमुख लोग मौजूद थे, जिनमें भंवरलाल जांगिड़, अर्जुन लाल गुर्जर, मदनलाल कुमावत, मूलचंद सैनी, बी.एल. सोनी, स्वरूप सिंह गहलोत, पुरुषोत्तम बिल्खीवाल, बजरंग लाल बेदी, उस्मान खान (कायमखानी समाज), भागीरथमल कहार, शैतान सिंह कविया, शिवदयाल योगी, सोनू भार्गव, रोशन लोहार, तस्लीम चौधरी, राजकुमार दहिया, मोहम्मद अली खत्री, शकील बुरहान, सुनील कौशिक सहित सैकड़ों कार्यकर्ता व समाजबंधु उपस्थित थे। सभी ने मूल ओबीसी के हितों के लिए एक मंच पर आने की आवश्यकता पर जोर दिया।कार्यक्रम में जानकीलाल मारवाल, सीताराम भोड़ीवाल, शिवगोपाल भोड़ीवाल, रविप्रकाश कुमावत, अब्दुल जब्बार भाटी, विपिन चंदेल, भवानीशंकर खोवाल, रामस्वरूप सोनी, बृजमोहन भाटी, मदनलाल तुनवाल, अजीतसिंह गहलोत, अनिल सोनी, महावीर जांगिड़, कैलाशचंद स्वामी, नागरमल सैनी, संपत सिंह (पूर्व पार्षद), डी.एम. सैनी, मनीष कुमावत, निजामुद्दीन चौहान, मोहम्मद यूसुफ शेख, नितेश पारमूवाल सहित तमाम गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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