हमारी विरासत को जानिए

1975 से सच्ची, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता की निरंतर परंपरा।

हम कौन हैं?

सत्य, विचार और विश्वास की पत्रकारिता

वर्ष 1975 में प्रारंभ हुआ युगपक्ष आज एक विश्वसनीय समाचारपत्र के रूप में स्थापित है, जो बीकानेर, जयपुर और चूरू से प्रकाशित होकर देश-विदेश तक अपनी पहुँच बना चुका है। निष्पक्षता, गहन विश्लेषण और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता ही इसकी पहचान है।

समाचार पत्र युगपक्ष की स्थापना स्वनामधन्य साहित्यकार एवं पत्रकार बाबू शम्भूदयाल जी सक्सेना द्वारा की गई, जिनकी दूरदर्शिता ने इसे एक मजबूत आधार प्रदान किया। उनके ज्येष्ठ सुपुत्र, मूर्धन्य पत्रकार स्वर्गीय वीरेन्द्रकुमार जी सक्सेना ने अपने संपूर्ण जीवन को युगपक्ष के विकास और प्रतिष्ठा के लिए समर्पित कर दिया। इसके साथ ही, डॉ. राकेश जी सक्सेना ने चिकित्सा क्षेत्र में अपनी सेवाओं के साथ-साथ युगपक्ष को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समय के साथ, युगपक्ष ने निष्पक्षता, विश्वसनीयता और समाज के हर वर्ग की आवाज़ को स्थान देने की अपनी परंपरा को बनाए रखा है। आज यह समाचारपत्र न केवल देश के कोने-कोने में बल्कि विदेशों में बसे प्रवासी भारतीयों तक भी अपनी पहुँच बना चुका है, जो प्रतिदिन इसके माध्यम से अपनी जन्मभूमि से जुड़े रहते हैं। अपने स्वर्णिम 50वें वर्ष में प्रवेश करते हुए, युगपक्ष डिजिटल माध्यमों के जरिए भी लाखों पाठकों की सेवा में समर्पित है।

हमारे मूल्य

निष्पक्षता, विश्वास और सत्य के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता।

हमारे मूल्य

सत्यनिष्ठा और निष्पक्षता

हम हर समाचार को बिना किसी पूर्वाग्रह के प्रस्तुत करते हैं, ताकि पाठकों को सच्ची और विश्वसनीय जानकारी मिल सके।

हमारा मिशन

जन-जन तक सच्ची खबर पहुँचाना

हमारा उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक निष्पक्ष, सटीक और महत्वपूर्ण समाचार पहुँचाना है।

हमारा ध्येय

सत्य के साथ, समाज के साथ

हम हर परिस्थिति में सच्चाई का साथ देते हुए समाज की आवाज़ को मजबूती से उठाते हैं।