सीकर, [मुहम्मद सादिक]। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के गाजरघास उन्मूलन जागरूकता सप्ताह 22 अगस्त के तहत कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, फतेहपुर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ‘हमने यह ठाना है, गाजरघास को मिटाना है’ के संकल्प के साथ परिसर को इस खरपतवार से मुक्त बनाने का सामूहिक निर्णय लिया गया।अधिष्ठाता डॉ. हरफूल सिंह ने विद्यार्थियों व कर्मचारियों को गाजरघास से फसलों, पशुओं और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी। डॉ. राघवेन्द्र पोरवाल ने कहा कि फूल आने से पूर्व ही इसका उन्मूलन करना चाहिए, तभी प्रभावी नियंत्रण संभव है। डॉ. सुभाष महला, डॉ. धर्मेन्द्र त्रिपाठी, डॉ. चंपा लाल खटिक सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों व छात्रों ने इस अभियान में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।




