बीकानेर। लूणकरनसर के सरकारी अस्पताल में भर्ती एक मरीज की मौत के बाद डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। परिजनों का आरोप है कि सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे मरीज के फोड़े का ऑपरेशन अस्पताल में करने के बजाय डॉक्टर ने अपने घर पर किया। ऑपरेशन के कुछ देर बाद ही मरीज की हालत बिगड़ने लगी। बाद में उसे बीकानेर के पीबीएम अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक के भाई की ओर से पुलिस को दी गई मर्ग में डॉक्टर पर ऑपरेशन के लिए घर बुलाने और 2 हजार रुपए लेने सहित कई आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच लूणकरनसर थाने के सब इंस्पेक्टर को सौंपी गई है।
15 अगस्त को अस्पताल पहुंचे थे सुभाष
लूणकरनसर क्षेत्र के गारबदेसर गांव निवासी शिवलाल मेघवाल ने पुलिस को दी मर्ग में बताया कि उसका भाई सुभाष मेघवाल 15 अगस्त को फोड़े की शिकायत लेकर लूणकरनसर के सरकारी अस्पताल गया था।
परिजनों के मुताबिक, डॉक्टर ने मरीज को देखने के बाद कथित तौर पर कहा कि ऑपरेशन अस्पताल में नहीं किया जा सकता और इसके लिए उसे अपने घर लाना होगा।
अगले दिन घर पर हुआ ऑपरेशन
मर्ग में लगाए गए आरोपों के अनुसार, 16 अगस्त को सुभाष का डॉक्टर के घर पर ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के करीब 20 मिनट बाद मरीज को वापस सरकारी अस्पताल भेज दिया गया।
परिजनों का आरोप है कि इसके बाद सुभाष की तबीयत बिगड़ने लगी। हालत खराब होने के बावजूद डॉक्टर कथित तौर पर दोबारा मरीज को देखने नहीं आया।
हालत बिगड़ी तो बीकानेर लाए, इलाज के दौरान मौत
शाम तक सुभाष की हालत ज्यादा खराब हो गई। इसके बाद परिजन उसे बीकानेर के पीबीएम अस्पताल के मूंधड़ा मेडिसिन विंग लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया और ऑक्सीजन भी लगाई गई।
हालांकि इलाज के दौरान सुभाष की मौत हो गई। इसके बाद मृतक के भाई ने पुलिस में मर्ग दर्ज करवाते हुए डॉक्टर पर कई गंभीर आरोप लगाए।
2 हजार रुपए लेने का भी आरोप
मृतक के भाई की ओर से दी गई मर्ग में डॉक्टर को 2 हजार रुपए देने का आरोप भी लगाया गया है। इसमें 500 रुपए नकद और 1500 रुपए यूपीआई के जरिए भुगतान किए जाने की बात कही गई है। परिजनों ने मर्ग में संबंधित यूपीआई नंबरों की जानकारी भी पुलिस को दी है।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। डॉक्टर पर लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं और मरीज की मौत की वास्तविक वजह क्या रही, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मामले की जांच लूणकरनसर थाने के सब इंस्पेक्टर को सौंपी गई है।



