बीकानेर, 22 अक्टूबर। कैंसर आज केवल एक व्यक्ति की बीमारी नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के सामने एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती है। लेकिन सही जानकारी, स्वस्थ जीवनशैली, समय पर जाँच और आधुनिक उपचार के माध्यम से कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है तथा अनेक प्रकार के कैंसर का सफल उपचार भी संभव है। इसी महत्वपूर्ण संदेश के साथ गुरुवार को बीजेएस रामपुरिया जैन कॉलेज, बीकानेर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की दोनों इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में कैंसर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रसिद्ध कैंसर विशेषज्ञ डॉ. राहुल कुमार राय (MBBS, MD, DM मेडिकल ऑन्कोलॉजी, टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, मुंबई) रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं मुख्य अतिथि के माल्यार्पण के साथ हुआ।कैंसर से डरना नहीं, उसे समझना जरूरीकार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ. राहुल कुमार राय ने बताया कि कैंसर को लेकर समाज में आज भी अनेक भ्रांतियाँ और अनावश्यक भय व्याप्त हैं। कई लोग कैंसर को लाइलाज बीमारी मान लेते हैं, जबकि चिकित्सा विज्ञान में हुई प्रगति के कारण आज अनेक कैंसर का पूर्ण उपचार संभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैंसर की समय पर पहचान उपचार की सफलता की संभावनाओं को बेहतर बना सकती है।उन्होंने विद्यार्थियों को तंबाकू, धूम्रपान, शराब, मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता, असंतुलित खानपान तथा कुछ संक्रमणों से जुड़े कैंसर के जोखिमों के बारे में जानकारी दी। साथ ही स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित शारीरिक गतिविधियों और आवश्यक टीकाकरण के महत्व पर प्रकाश डाला।युवा पीढ़ी बन सकती है कैंसर जागरूकता की सबसे बड़ी ताकतडॉ. राय ने युवाओं की भूमिका को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षित और जागरूक युवा केवल स्वयं को ही नहीं, बल्कि अपने परिवार और आसपास के समाज को भी कैंसर के प्रति सचेत कर सकते हैं।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शरीर में लगातार बने रहने वाले असामान्य बदलाव, बिना स्पष्ट कारण वजन घटना, असामान्य गाँठ, लगातार खाँसी, असामान्य रक्तस्राव या लंबे समय तक न भरने वाले घाव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण हमेशा कैंसर नहीं होते, लेकिन इनकी उचित चिकित्सकीय जाँच आवश्यक हो सकती है।आधुनिक उपचार ने बदली कैंसर मरीजों की उम्मीदेंकार्यशाला में कैंसर के आधुनिक उपचारों पर भी चर्चा की गई। डॉ. राय ने बताया कि आज सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी के साथ-साथ इम्यूनोथेरेपी और टारगेटेड थेरेपी जैसी आधुनिक उपचार पद्धतियों ने कई प्रकार के कैंसर के उपचार में महत्वपूर्ण प्रगति की है।उन्होंने बताया कि प्रत्येक मरीज का कैंसर अलग हो सकता है और उसका उपचार कैंसर के प्रकार, अवस्था तथा मरीज की शारीरिक स्थिति के अनुसार निर्धारित किया जाता है। इसलिए बिना वैज्ञानिक प्रमाण वाले उपचारों और भ्रामक जानकारियों से बचना अत्यंत आवश्यक है।विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का किया समाधानकार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों ने कैंसर के कारणों, आनुवंशिक जोखिम, शुरुआती पहचान, उपचार की संभावनाओं तथा इससे जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों पर अनेक प्रश्न पूछे। डॉ. राय ने इन प्रश्नों का वैज्ञानिक तथ्यों और सरल उदाहरणों के माध्यम से समाधान प्रस्तुत किया।कार्यक्रम के दौरान कैंसर जागरूकता को केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित न रखकर इसे परिवार और समाज तक पहुँचाने के महत्व पर भी बल दिया गया।महाविद्यालय परिवार ने किया सम्मानितकार्यशाला के समापन पर महाविद्यालय के संकाय सदस्यों ने डॉ. राहुल कुमार राय को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इतिहास विभागाध्यक्ष श्री महेंद्र पंचारिया ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग करने वाले सभी सदस्यों तथा उपस्थित विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनों इकाइयों के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य युवा पीढ़ी को कैंसर के प्रति जागरूक करना, वैज्ञानिक सोच विकसित करना तथा समाज में सही स्वास्थ्य जानकारी के प्रसार को प्रोत्साहित करना रहा।कार्यक्रम का प्रमुख संदेश रहा—“कैंसर के प्रति जागरूकता केवल जानकारी नहीं, बल्कि किसी व्यक्ति और उसके परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की शुरुआत हो सकती है।”





