लूणकरणसर। हनुमान मंदिर परिसर में पंडित जी फाउंडेशन फॉर कल्चरल हेरिटेज ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित ‘रंगरूड़ौ राजस्थान महोत्सव’ में राजस्थान की लोक संस्कृति और परंपराओं की अनूठी झलक देखने को मिली। कार्यक्रम की अध्यक्षता ईश्वरलाल पंचारिया ने की। इस दौरान मुख्य अतिथि इतिहासविद राजवीर सिंह चलकोई का 630 मीटर लंबी पगड़ी पहनाकर भव्य सम्मान किया गया, जो समारोह का विशेष आकर्षण रहा। वहीं जगमाल सिंह भाटी की 40 फीट लंबी मूंछ ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
अपने संबोधन में राजवीर सिंह चलकोई ने राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। महोत्सव में आयोजित साफा बांधने की प्रतियोगिता में बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, हनुमानगढ़ और करौली से आए प्रतिभागियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में डॉ. हरिमोहन सारस्वत रूंख, छैलू चारण छैल, राजूराम बिजारणिया, ओंकारनाथ योगी, देवीलाल महिया, रामजीलाल घोड़ेला, भवानी पाइवाल और हनुमान पंचारिया विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर राजूराम बिजारणिया के गजल एलबम ‘आज कबीरी चादर धर दे’ का भी लोकार्पण किया गया।
स्वरूप पंचारिया ने बताया कि पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में 248 युवाओं ने साफा बांधने की कला सीखी। पूर्व कबड्डी कप्तान आईना सायच को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। प्रतियोगिता के विजेताओं को क्रमशः 5100, 3100 और 1100 रुपये के पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में राम शर्मा, गोपाल जोशी, हरिराम विश्नोई, विनोद सारस्वत, नमामि शंकर आचार्य, राजेश चौधरी, हिमांशु टाक, कमल मारू और प्रशांत जैन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।





