जाम्भाणी साहित्य ज्ञान परीक्षा में एक लाख परिक्षार्थियों को बैठाने का लक्ष्य- डॉ इंद्रा विश्नोई

जाम्भाणी साहित्य अकादमी बीकानेर द्वारा देशभर में आयोजित होने वाली जाम्भाणी साहित्य ज्ञान परीक्षा के बारे में जानकारी देते हुए अकादमी की अध्यक्षता प्रो (डॉ) इंद्रा विश्नोई ने कहा कि कि -श्री गुरु जम्भेश्वर भगवान का उपदेश किसी पंथ, संप्रदाय, समाज विशेष के लिए नहीं था, उन्होंने अपने सबदवाणी में जिज्ञासुओं को संबोधित करते हुए ‘प्राणी’ शब्द का प्रयोग किया है यानि यह उपदेश प्राणीमात्र के लिए है। उनका उपदेश जीने की युक्ति सिखाता है,आज सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग जीने का तरीका नहीं जानते, इस कारण उनका स्वयं का और वो जिस समाज में रहते हैं, उन दोनों का भला नहीं होता।जो जीना सीख लेता है उसकी मृत्यु भी सुधर जाती है यानि वह मोक्ष का अधिकारी हो जाता है। उन्होंने बताया कि इस ज्ञान परीक्षा में इस बार अकादमी का लक्ष्य एक लाख परिक्षार्थियों को परीक्षा दिलवाना है। अकादमी के महासचिव विनोद जम्भदास ने कहा कि -गुरु जम्भेश्वर भगवान के उपदेश की एक और बहुत बड़ी विशेषता यह है की वह पर्यावरणीय चेतना से भरपूर है और आज विश्व को अपना अस्तित्व बचाने के लिए इस चेतना की अतीव आवश्यकता है। ऐसी ही वाणी उनके हुजुरी और परवर्ती संतों की है। गुरु जम्भेश्वर भगवान की सबदवाणी और बिश्नोई पंथ के इन संतों की वाणियों को ही जाम्भाणी साहित्य कहते हैं। इस जाम्भाणी साहित्य को आधार बनाकर बच्चों और तरुणों के लिए एक ज्ञान परीक्षा का आयोजन जाम्भाणी साहित्य अकादमी बीकानेर द्वारा किया जा रहा है। इस परीक्षा के राष्ट्रीय संयोजक डॉ लालचंद बिश्नोई बताया कि यह परीक्षा देशभर में एक साथ 18 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी।इस परीक्षा के लिए पूरे देश में लगभग 1000 परीक्षा केंद्रों की स्थापना की जा रही है। विद्यार्थियों के पंजीकरण का कार्य 15 अगस्त से शुरू होगा,जिसकी अंतिम तिथि 31 अगस्त है। पंजीकरण फॉर्म ऑनलाइन भरा जाना है जिसका लिंक सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर उपलब्ध होगा। परीक्षा के पाठ्यक्रम के रूप में एक पुस्तिका भी प्रकाशित की गई है वह पुस्तक और उसकी पीडीएफ भी विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाई जा रही है। अकादमी के संरक्षक स्वामी कृष्णानंद आचार्य, उपाध्यक्ष राजाराम धारणियां, पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष डॉ बनवारीलाल सहू, कोषाध्यक्ष डॉ बी एल बिश्नोई, पूर्व महासचिव डॉ सुरेंद्र कुमार ने इस परीक्षा को सफल बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि -परीक्षा आयोजन की केंद्रीय समिति के अलावा जिला, तहसील और केंद्र प्रभारियों के रूप में हजारों लोगों की टीम इस पुनीत कार्य में लगी हुई है। अधिक जानकारी लेने, पंजीकरण फॉर्म भरने, परीक्षा पुस्तक और अन्य जाम्भाणी साहित्य डाउनलोड करने के लिए अकादमी की वेबसाइट www.jambhani.com पर विजिट कर सकते हैं। सभी जिज्ञासु विद्यार्थियों,सुधी अभिभावकों, समाजसेवी महानुभावों से निवेदन है कि वे इस सुअवसर का स्वयं भी लाभ उठाएं और दूसरों को भी प्रेरित करें।

Share it :

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get free tips and resources right in your inbox, along with 10,000+ others

Categories