मुंबई में 18 से 20 दिसंबर तक जुटेगा वैश्विक हिंदू समाज, जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर बनेगा विचार-मंथन का केंद्र

विश्व हिंदू समुदाय का वैश्विक मंच वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस (WHC) 2026 इस बार मुंबई में आयोजित होगा। 18 से 20 दिसंबर तक जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में होने वाले महासम्मेलन में 60 से अधिक देशों से हिंदू नेता, विचारक, उद्यमी, नीति-निर्माता, शिक्षाविद, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता जुटेंगे। सम्मेलन का केंद्रीय विषय ‘समानं व्रतं सह चित्तम्’, अर्थात ‘साझा संकल्प, सामूहिक दृढ़ता’ रखा गया है।

पिरामल ग्रुप के चेयरमैन अजय पिरामल को WHC 2026 का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि विशाद मफतलाल और महेश भागचंदका सह-अध्यक्ष होंगे। पिरामल ने कहा कि वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस हिंदू चिंतन को वैश्विक महत्वाकांक्षाओं से जोड़ने वाला मंच है। इस बार 60 से अधिक देशों से 4,500 से ज्यादा प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।

सात विषयों पर होगा मंथन

महासम्मेलन के दौरान सात समानांतर विषयगत सम्मेलन आयोजित होंगे। इनमें वर्ल्ड हिंदू इकोनॉमिक फोरम, हिंदू एजुकेशन कॉन्फ्रेंस, हिंदू मीडिया कॉन्फ्रेंस, हिंदू पॉलिटिकल कॉन्फ्रेंस, हिंदू वुमेन कॉन्फ्रेंस, हिंदू यूथ कॉन्फ्रेंस और हिंदू ऑर्गेनाइजेशनल कॉन्फ्रेंस शामिल हैं। इन मंचों पर हिंदू समाज की आर्थिक, शैक्षणिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और संगठनात्मक ताकत को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा।

60 से अधिक देशों के 6500 से ज्यादा लोग पहले ले चुके हैं हिस्सा

वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस की शुरुआत 2014 में दिल्ली से हुई थी। इसके बाद 2018 में शिकागो और 2023 में बैंकॉक में इसका आयोजन हुआ। अब तक आयोजित सम्मेलनों में 60 से अधिक देशों के 6,500 से ज्यादा प्रतिभागी भाग ले चुके हैं। पूर्व सम्मेलनों में दलाई लामा, माता अमृतानंदमयी, डॉ. मोहन भागवत, दत्तात्रेय होसबाले, निर्मला सीतारमण, डॉ. बिबेक देबरॉय, डॉ. विजय भटकर सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल हो चुकी हैं।

WHC के प्रणेता स्वामी विज्ञानानंद ने कहा कि हिंदू समाज आज पहले की तुलना में अधिक दृश्यमान और सम्माननीय स्थिति में है। अब समय है कि समाज संगठित होकर दृढ़ संकल्प के साथ अपनी आकांक्षाओं को साकार करे और एकता के सामने आने वाली चुनौतियों का सामना करे।

तीन दिवसीय यह महासम्मेलन नेटवर्किंग, विचार-विनिमय और ठोस कार्ययोजना के लिए वैश्विक मंच उपलब्ध कराएगा। आयोजकों के अनुसार सम्मेलन का उद्देश्य हिंदू नेताओं, विचारकों, उद्यमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच सहयोग को मजबूत करना और वैश्विक स्तर पर हिंदू समाज की भूमिका को नई दिशा देना है।

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