बीकानेर, 04 नवंबर। दीपावली पर पटाखों से होने वाली आंखों की चोटों को देखते हुए ASG हॉस्पिटल लिमिटेड ने बच्चों की आंखों की सुरक्षा के लिए ‘सुरक्षित आंखें, सुरक्षित दिवाली’ अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत पटाखों से आंखों में चोट लगने वाले 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को ASG आई हॉस्पिटल में निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें प्राथमिक उपचार, आपातकालीन देखभाल और आवश्यकता पड़ने पर सर्जरी की सुविधा भी शामिल है।
कंपनी की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल के तहत यह अभियान 4 नवंबर से 12 नवंबर 2026 तक देश के 95 शहरों में स्थित 200 ASG आई हॉस्पिटल केंद्रों पर संचालित होगा। हालांकि, इस सुविधा में दवाइयां और चश्मे जैसे ऑप्टिकल उत्पाद शामिल नहीं होंगे। पिछले वर्ष दीपावली के दौरान ASG केंद्रों पर पटाखों से आंखों में चोट लगने वाले 500 से अधिक बच्चों का उपचार किया गया था। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में नोखा से इंदरचंद मोदी भी उपस्थित रहे।
ASG आई हॉस्पिटल के ग्रुप सीईओ डॉ. विकास जैन ने कहा कि बच्चों में पटाखों से होने वाली आंखों की ज्यादातर चोटों से बचाव संभव है। हालांकि, दुर्घटना होने पर बच्चे को जल्द से जल्द विशेषज्ञ चिकित्सक के पास पहुंचाना बेहद जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों की आंखों में चोट लगने पर घरेलू उपचार करने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
वहीं, शार्प साइट आई हॉस्पिटल्स के को-फाउंडर एवं मेडिकल डायरेक्टर डॉ. कमल बी. कपूर ने कहा कि दीपावली खुशियां बांटने का त्योहार है, लेकिन पटाखों से आंखों में लगने वाली छोटी चोट को भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसी स्थिति में आंख को रगड़ने या दबाने के बजाय तुरंत नजदीकी ASG आई हॉस्पिटल या आई केयर सेंटर पहुंचना चाहिए।
अस्पताल की ओर से पटाखे जलाते समय सुरक्षित दूरी बनाए रखने, सुरक्षात्मक चश्मा पहनने, बच्चों को वयस्कों की निगरानी में पटाखे चलाने और नहीं चलने वाले पटाखों को दोबारा जलाने का प्रयास नहीं करने की सलाह दी गई है।
अभियान के तहत जानकारी और नजदीकी ASG आई हॉस्पिटल केंद्र की जानकारी प्राप्त करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800 1200 111 पर संपर्क किया जा सकता है।





