जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा गंगाशहर के तत्वावधान में तीन दिवसीय वर्षीतप अभिनन्दन समारोह के तृतीय दिवस मुनि श्री अमृत कुमार जी के सान्निध्य में बोथरा भवन गंगाशहर में हुआ।
इस अवसर पर बोलते हुए मुनि श्री अमृत कुमार जी ने कहा कि यह भगवान ऋषभ के वर्ष भर का निरंतर चौविहार तप के उपलक्ष में किए जाने वाला व्रत है। जिसे वर्षीतप कहा जाता है। लाखों करोड़ों वर्षों पूर्व भगवान ऋषभ ने यह अपूर्व तप किया था। उसकी महिमा युगों युगों से चली आ रही है। आज भी बड़ी श्रद्धा समर्पण और मनोबल के साथ भाई-बहन वर्षीतप की आराधना में संलग्न है और बड़ी प्रसन्नता और आनंद का अनुभव करते हैं। वर्षीतप के प्रति जनता के मन में बड़ा जबरदस्त उत्साह झलक रहा है। इसको देखकर ऐसा लगता है कि जिन्होंने भी इस कार्यक्रम का रसास्वादन लिया है उनके मन में यह जरूर आया होगा कि हमें भी एक बार वर्षीतप आराधना करनी चाहिए। यही इस विशुद्ध आध्यात्मिक समारोह की सफलता है। बुद्धिस्य सारम् तत्व विचारम् च देहस्य सारम् तपस्य धारणम् अथार्त बुद्धि का सार है तत्व का विचार करना, तन का सार है तपस्या करना। यह विशुद्ध आध्यात्मिक कार्यक्रम है तप अनुष्ठान के साथ जप का अनुष्ठान भी बढे। तप और जप का मणि कांचन योग है। जो गंगाशहर में चरितार्थ हो रहा है। इस अवसर पर मुनि श्री ने उद्बोधन देते हुए कहा कि आयुर्वेद के जनक महर्षि चरक ने तप को सर्वोत्तम औषधि माना है। तपस्या के साथ कर्म विशुद्ध भी होती है, साथ-साथ तन शुद्ध भी होती है और कैंसर जैसा महारोग तप के सामने हार मान लेता है। मोक्ष के चार मार्ग में तप को चौथा मार्ग बताया गया है अर्थात तपस्या आदि से आत्मा का परम लक्ष्य मोक्ष अर्थात सिद्धि भी प्राप्त की जा सकती है।

आज तेरापंथी सभा गंगाशहर के द्वारा जेठमल डाकलिया, सुधा भूरा, सुनीता भंसाली, संजू लालाणी, प्रवीणा बोथरा, सुनीता डोसी, अंजयलता भूरा, प्रेम बोथरा, किरण देवी लालाणी, हिमांशी बोथरा, मधु देवी बोथरा, चंदा देवी नाहर, गुलाब देवी भंसाली, जतन लाल दुगड़, सरोज दुगड़, लीला देवी मिन्नी, शशि देवी सेठिया, रतन देवी सेठिया, विमला देवी भंसाली आदि 19 तपस्वी जनों का अभिनन्दन किया गया।
तपस्वी जनों के परिवारों की ओर से भी तपस्या के उपलक्ष्य में भजन, गीत, मुक्तकों, एवं वक्तव्यों से तपस्या की अनुमोदना की। रवि डाकलिया व आराध्या गोलछा ने मंगलाचरण गीत प्रस्तुत किया।
तेरापंथी सभा की ओर से अध्यक्ष नवरतन बोथरा,पूर्व अध्यक्ष अमर चन्द सोनी,जैन लूणकरण छाजेड़, मंत्री जतनलाल संचेती, उपाध्यक्ष पवन छाजेड़, संगठन मंत्री कमल भंसाली, सह मंत्री शान्ति लाल पुगलिया, टीपीएफ से जयचंद लाल मालू, नारायण चोपड़ा, हनुमान सेठिया, मनोहर लाल नाहटा, महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती प्रेम बोथरा,पूर्व अध्यक्ष मंजू आंचलिया, संतोष बोथरा, बिन्दु छाजेड़, कनक गौलछा, रुचि छाजेड़ आदि कार्यकर्ताओं ने तपस्वी जनों के अभिनन्दन साहित्य, मोमेंटो, एवं पताका पहनाकर किया।
कल वर्षीतप पारणा का मुख्य समारोह शान्तिनिकेतन सेवा केन्द्र में साध्वी श्री त्रिशला कुमारजी के सान्निध्य में किया जायेगा।
तप अभिनन्दन समारोह में साध्वी श्री दीपमाला जी के तृतीय वर्षीतप व साध्वी श्री कल्पयशा जी के पांचवे वर्षीतप का पारणा होगा। इनके साथ ही गंगाशहर के श्रावक श्राविका समाज से 45 वर्षीतप धारक अपने तप का पारणा करेगें।
कार्यक्रम का कुशल संचालन रतन लाल छलाणी ने किया।





