गुरु और शिष्य : संसार का सबसे पुनीत संबंध – डॉ.अखिल रंजन गर्ग

भारतीय शिक्षण मंडल की जिला इकाई द्वारा व्यास पूजन एवं गुरु वंदन कार्यक्रम का आयोजन भारतीय आदर्श विद्या मंदिर , जयनारायण व्यास कॉलोनी में आयोजित हुआ । इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ.अखिल रंजन गर्ग रहे । बीकानेर विभाग संघ चालक टेक चंद बरडिया तथा विभाग प्रचारक विनायक कुमार भी उपस्थित रहे । इस कार्यक्रम में गुरु के रूप में शैक्षणिक एवं सामाजिक योगदान के लिए डॉ.अखिल रंजन गर्ग एवं प्रताप सिंह चलकोई का सम्मान एवं अभिनंदन किया गया ।
कार्यक्रम के प्रारंभ में शिक्षण मंडल का विस्तृत परिचय एवं विषय प्रबोधन डॉ.रमेश पुरी द्वारा किया गया । कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता डॉ.अखिल रंजन गर्ग ने प्राचीन एवं वर्तमान गुरु -शिष्य परम्परा पर विस्तृत वक्तव्य देते हुए कहा कि गुरु-शिष्य संसार का सबसे पुनीत संबंध है । विभाग प्रचारक विनायक कुमार ने कहा कि गुरु के बिना महामानव निर्मित होने की कल्पना ही नहीं की जा सकती है । राष्ट्र के समस्त महामानवों की पृष्ठभूमि में कोई-न-कोई गुरु अवश्य ही रहा है।
सम्मानित शिक्षक प्रताप सिंह चलकोई ने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में गुरु पर समाज एवं व्यक्ति निर्माण की जिम्मेदारी तथा संस्कृति को अक्षुण्ण रखने का दायित्व बढ़ गया है ।
इस अवसर पर शिक्षण मंडल के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे । कार्यक्रम का संचालन भारतीय शिक्षण मंडल के विभाग संयोजक डॉ.विष्णु दत्त जोशी ने किया ।

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