बीकानेर, 24 अगस्त। समाज को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और व्यावसायिक रूप से सक्षम बनाने के लिए देशभर में क्रियात्मक माहौल तैयार किया जाएगा। पूर्व आईएएस एवं यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन के निदेशक राजेंद्र सिंह शेखावत ने अखंड राजपूताना सेवा संघ के तीन दिवसीय कार्यक्रम के समापन अवसर पर यह बात कही।
शेखावत ने कहा कि संगठन के बैनर तले आने के बाद सदस्यों को आर्थिक जरूरतों के लिए सरकार पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि हजारों करोड़ रुपए की पूंजी से आरबीएन बैंक संस्थान की स्थापना का लक्ष्य है, जिसके लिए कैपिटल सदस्यता शुरू की जाएगी।
संस्थान के राजस्थान प्रदेश प्रभारी जितेंद्र सिंह पचार ने कहा कि संस्थान से होने वाला लाभ सदस्यों को मिलेगा तथा स्टार्टअप में भी निवेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आर्थिक मॉडल के आधार पर संगठन को मजबूत और विकसित किया जाएगा। साथ ही सक्षम लोगों को चिन्हित कर महिलाओं की कैपिटल सदस्यता भी शुरू करने पर जोर दिया।
राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष राजवी त्रिभुवन सिंह ने कहा कि लक्ष्य है कि वर्ष 2030 के बाद किसी भी व्यावसायी क्षत्रिय को बैंक कैंपस जाने की आवश्यकता नहीं पड़े। उन्होंने कहा कि आर्थिक लाभ मिलने पर लोग संगठन से दिल से जुड़ेंगे। आने वाले समय में काम मेरिट के आधार पर होगा और प्रत्येक सदस्य की बात सुनी जाएगी।
अध्यक्ष आरपी सिंह ने कहा कि वर्ष 2030 के अध्यक्ष की तैयारी वर्ष 2028 से ही शुरू कर दी जाएगी। दो वर्ष तक उनके साथ काम कर उन्हें जिम्मेदारी के लिए तैयार किया जाएगा, ताकि भविष्य में संगठन का कार्य सुचारु और प्रभावी ढंग से चल सके।
पूर्व आरएएस एवं अखिल भारतीय क्षत्रिय महासंघ के राजस्थान प्रभारी तथा राजपूताना ऑफिसर्स क्लब के चैन सिंह राठौड़ ने कहा कि इस प्रकार की आर्थिक और सामाजिक पहल देशभर में शुरू होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक दीप से अनेक दीप जलते हैं और सामूहिक प्रयासों से समाज को नई दिशा दी जा सकती है।
कार्यक्रम के समापन पर राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें संगठन की आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सम्मेलन का अगला आयोजन 7 से 9 जनवरी 2028 तक उज्जैन में होगा। इसकी जिम्मेदारी उज्जैन के होटल व्यवसायी संजय सिंह को सौंपी गई।



