27 अक्टूबर 1947 को भारतीय सेना की पहली पैदल सेना टुकड़ी सिख रेजीमेंट की पहली बटालियन को दिल्ली से हवाई मार्ग द्वारा श्रीनगर भेजा गया था, ताकि पाकिस्तान के कबीलाई घुसपैठियों से कश्मीर घाटी की रक्षा की जा सके, यह स्वतंत्र भारत में भारतीय सेना का पहला सैन्य अभियान था, इस दिन देश के पैदल सैनिकों, बलिदानियों और युद्ध नायकों के याद में साहस और बलिदान को याद किया जाता है । इस दिन को इन्फेंट्री दिवस अथवा पैदल सेना दिवस के रूप में आज के दिन “शौर्य दिवस” के नाम से मनाया जाता है । यह उद्गार आज गौरव सेनानी एसोसिएशन के अध्यक्ष कर्नल हेमसिंह शेखावत सेना मैडल ने 79 वाँ पैदल सेना दिवस के रूप में मनाते हुए आज वार मेमोरियल टावर पर अपने संबोधन में व्यक्त किया । इस अवसर पर कर्नल महेंद्र सिंह चौधरी श्रीमती सुमन एवं सूबेदार मेजर गोविंद सिंह भाटी ने भी अपने उद्बोधन में आज के दिवस की सार्थकता को देखते हुए समस्त पैदल सैनिकों एवं सैन्य अधिकारियों को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए उनका धन्यवाद ज्ञापित किया । इस अवसर पर सूबेदार मेजर गजेंद्र सिंह राठौड़, सूबेदार सज्जन सिंह शेखावत, जे सीओ शक्ति सिंह राठौड़, सार्जेंट तोडा राम, नायक विक्रम सिंह शेखावत, राजेंद्र सिंह मोटासर सूबेदार किशन सिंह शेखावत इत्यादि ने इन्फेंट्री दिवस पर सभी सैनिकों, बलिदानियों को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की । कार्यक्रम का संचालन प्रदीप सिंह चौहान ने किया एवं सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया । प्रदीप सिंह चौहान । कार्यक्रम संयोजक





