अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता ने मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव से की शिकायत, महीनों तक सूरसागर गिन्नानी सड़क बंद रखने की उच्च स्तरीय जांच की मांग.
बीकानेर। सुरसागर के सामने से गिनानी की ओर जाने वाला प्रमुख मार्ग पिछले लगभग 4–5 महीनों से बंद पड़ा है, जिससे क्षेत्र के हजारों नागरिकों, व्यापारियों एवं विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से सड़क बंद रहने के बावजूद नगर निगम द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं किए जाने से आमजन में भारी आक्रोश व्याप्त है।

इस संबंध में कई बार मीडिया में समाचार प्रकाशित हो चुके हैं, फिर भी प्रशासन की निष्क्रियता बनी हुई है। स्थिति यह है कि संपूर्ण सड़क निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है, किंतु केवल एक नाले के भूमिगत मार्ग (ड्रेनेज क्रॉसिंग) को लेकर अनावश्यक तकनीकी विवाद के कारण मार्ग को चालू नहीं किया जा रहा है।
तकनीकी दृष्टिकोण से, सिविल इंजीनियरिंग मानकों (IRC Guidelines एवं Urban Drainage Norms) के अनुसार सड़क को नाले के ऊपर उपयुक्त संरचना (बॉक्स कल्वर्ट/क्रॉस ड्रेनेज) के माध्यम से निकाला जा सकता है, किंतु इसके विपरीत अनावश्यक रूप से नाले को ऊपर उठाकर निर्माण करने की जिद से कार्य लंबित रखा गया है।
विधिक दृष्टिकोण से, लंबे समय तक सार्वजनिक मार्ग बंद रखना नागरिकों के आवागमन के मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 19(1)(d), भारतीय संविधान) का उल्लंघन है तथा यह प्रशासनिक लापरवाही एवं कर्तव्य में चूक को भी दर्शाता है। यदि ठेकेदार द्वारा टेंडर शर्तों का उल्लंघन कर निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण नहीं किया गया है, तो उसके विरुद्ध अनुबंधानुसार दंडात्मक कार्यवाही एवं शास्ति आरोपित किया जाना आवश्यक है।
अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता नीतू जैन ने (मुख्यमंत्री) एवं मुख्य सचिव, राजस्थान सरकार को शिकायत प्रस्तुत कर मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदार की जवाबदेही तय की जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए।
साथ ही, उन्होंने जिला कलेक्टर, बीकानेर से आग्रह किया है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से उचित कार्यवाही सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को शीघ्र राहत मिल सके।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो इस मुद्दे को जन आंदोलन के रूप में उठाया जाएगा।





