26 सितंबर 2026lराजकीय डूंगर महाविद्यालय, बीकानेर में “एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स विथ एआई– जॉब रेडी ” विषय पर आयोजित तीन दिवसीय फैसिलिटेटर डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ।24 से 26 सितंबर तक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बीकानेर संभाग के 7 राजकीय महाविद्यालयों के 18 संकाय सदस्यों ने भाग लिया।यह पहल स्किल्स डेवलपमेंट नेटवर्क(एसडीएन ), वाधवानी स्कीलिंग के सहयोग से आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य महाविद्यालयों के संकाय सदस्यों को विद्यार्थियों के लिए रोजगारपरक एवं उद्योग-केंद्रित कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु सक्षम बनाना है।तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को “जॉब रेडी विथ एआई ” कार्यक्रम की अवधारणा एवं प्रशिक्षण पद्धति से परिचित कराया गया। इसमें संचार कौशल, कार्यस्थल की तैयारी, डिजिटल एवं एआई आधारित कौशल, साक्षात्कार की तैयारी, करियर रेडीनेस तथा अन्य रोजगारपरक दक्षताओं पर विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया गया।कार्यक्रम का प्रशिक्षण सुश्री आर्या शिखा, प्रोग्राम ट्रेनर द्वारा प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में इंटरैक्टिव गतिविधियों, व्यावहारिक अभ्यास, आकलन, समूह गतिविधियों, सहकर्मी सीखने तथा टीच -बैक सेशंस के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया।इस दौरान संकाय सदस्यों को स्वयं एक शिक्षार्थी के रूप में कार्यक्रम का अनुभव कराया गया, ताकि वे आगे अपने महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को प्रभावी ढंग से प्रशिक्षण दे सकें।कार्यक्रम का समन्वय श्री कमलेश कुमार, प्रोग्राम मैनेजर – राजस्थान, एसडीएन बाय वाधवानी स्कीलिंग द्वारा किया गया।समापन के अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ.नरेंद्र नाथ ने कहा कि एआई आधारित रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण से भविष्य के दक्ष युवा तैयार होंगे ।उन्होंने बताया कि इस डिजिटल युग में युवाओं को सतर्कता से राष्ट्र की भविष्य की संभावनाओं के मद्देनजर इस कौशल में दक्ष होकर समाज एवं राष्ट्र को एक नई दिशा देने की आवश्यकता है ।इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी एवं समन्वयक श्री कमलेश कुमार ने बताया कि आज के बदलते रोजगार परिदृश्य में केवल शैक्षणिक योग्यता पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक, डिजिटल, संचार एवं एआई आधारित रोजगारपरक कौशल से भी सक्षम बनाना आवश्यक है।“एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स विथ एआई– जॉब रेडी ” कार्यक्रम को शैक्षणिक सत्र 2026–27 से राजकीय महाविद्यालयों के अंतिम वर्ष के स्नातक (यूजी ) एवं स्नातकोत्तर (पीजी ) विद्यार्थियों तक पहुंचाने की योजना है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगार एवं प्लेसमेंट के लिए बेहतर तरीके से तैयार करना तथा उन्हें कार्यस्थल के लिए आवश्यक कौशल और आत्मविश्वास प्रदान करना है।यह पहल शैक्षणिक शिक्षा और उद्योग की अपेक्षाओं के बीच मौजूद कौशल अंतर को कम करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। एआई आधारित आधुनिक शिक्षण पद्धति के माध्यम से विद्यार्थियों को बदलते रोजगार बाजार, डिजिटल कार्यस्थल और भविष्य की नौकरियों के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।बीकानेर संभाग के सात राजकीय महाविद्यालयों से संकाय सदस्यों की भागीदारी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।प्रशिक्षित फैकल्टी फेसीलिटेटर्स के माध्यम से आने वाले समय में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों तक रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण पहुंचाने और महाविद्यालयों में करियर रेडीनेस एवं उद्योग-अनुकूल कौशल विकास की संस्कृति को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।यह कार्यक्रम राजस्थान के युवाओं को रोजगार के लिए अधिक तैयार, एआई -सक्षम और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





