राजपूत सेवा संघ एवं राजपूताना बिजनेस कॉन्क्लेव का शुभारंभ, सेवा के साथ आर्थिक स्वावलंबन पर जोर
होटल लालगढ़ पैलेस में हो रहा है आयोजन
बीकानेर, 21 अगस्त। राजपूताना की ऐतिहासिक वीरता, संस्कृति और सामाजिक सेवा की परंपरा को व्यवसाय एवं आर्थिक स्वावलंबन से जोड़ने के उद्देश्य से शुक्रवार को बीकानेर के लालगढ़ पैलेस के दरबार हॉल में राजपूताना बिजनेस नेटवर्क (RBN) के तीन दिवसीय ग्रैंड कॉन्क्लेव का शुभारंभ हुआ। अखंड राजपूताना सर्व सेवा संघ के बैनर तले आयोजित कार्यक्रम में देशभर से 500 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। 22 और 23 अगस्त को विभिन्न सत्रों में व्यवसाय, शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता, निवेश और सामाजिक विकास से जुड़े विषयों पर गहन मंथन होगा।
कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर राठौड़ ने कहा कि राजपूत समाज सदियों से समाज और राष्ट्र की सेवा करता आया है। सेवा की यह भावना आज भी कायम है, लेकिन बदलते आर्थिक परिवेश में समाज को व्यवसाय और उद्यमिता के क्षेत्र में भी आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि सेवा भावना के साथ आर्थिक स्वावलंबन भी समाज की प्राथमिकता बनना चाहिए।
राठौड़ ने कहा कि व्यापार अब केवल किसी शहर या क्षेत्र की भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है। ऑनलाइन कारोबार ने व्यापार के तौर-तरीकों को पूरी तरह बदल दिया है। ऐसे में युवाओं को नई तकनीक, डिजिटल व्यापार और आधुनिक व्यवसायिक अवसरों के साथ कदमताल करनी होगी। उन्होंने राजस्थान को निवेश की दृष्टि से अग्रणी राज्यों में शामिल बताते हुए युवाओं तक राज्य की एमएसएमई नीतियों और उपलब्ध अवसरों की जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया।
उन्होंने समाज से अपनी संस्कृति और इतिहास को सहेजने का आह्वान करते हुए कहा कि जो समाज अपनी जड़ों से कट जाता है, वह धीरे-धीरे अपनी परंपराओं और पहचान को खो देता है। सहकारिता की भावना को राजपूताना बिजनेस नेटवर्क की प्रेरणा बताते हुए उन्होंने कहा कि समाजहित से जुड़ी नीतियों के निर्माण के लिए राजनीतिक क्षेत्र में भी सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
बीकानेर पूर्व की विधायक सिद्धि कुमारी ने इस अवसर पर कहा कि निष्ठा,मेहनत और महिला शक्ति का साथ राजपूत समाज में सदा से रही है और ये ही समाज को आगे बढ़ाने वाले गुण है।उन्होंने क्षत्रिय समाज द्वारा इस तरह के कार्यक्रम आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया।
शिक्षा और जरूरतमंद विद्यार्थियों को अवसर देने पर जोर
एमआरएस ग्रुप के चेयरमैन मेघराज सिंह शेखावत ने शिक्षा और स्वावलंबन को समाज की प्रगति का आधार बताते हुए कहा कि केवल दक्षता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि दक्षता के साथ गुणवत्ता भी आवश्यक है। उन्होंने ‘एक रुपया रोजाना’ की थीम को रेखांकित करते हुए कहा कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति छोटी राशि से भी योगदान करे तो सामूहिक रूप से बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।
शेखावत ने बताया कि उनके द्वारा संचालित हॉस्टल परियोजना पर अब तक करीब 35 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इस परियोजना से लगभग 1200 विद्यार्थी जुड़े हैं। विद्यार्थियों की फीस, आवास और अन्य सुविधाओं पर यह राशि खर्च की गई है। उन्होंने इसे देश में अपनी तरह की अनूठी पहल बताते हुए कहा कि योग्य लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर देना इसका मुख्य उद्देश्य है।
उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि यदि बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन मामूली राशि का योगदान करें तो भविष्य में इसी तरह की कई और हॉस्टल परियोजनाएं स्थापित की जा सकती हैं। उन्होंने सरकार को सौंपी गई एक सौर ऊर्जा योजना का उल्लेख करते हुए नीति निर्माण में समाज की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता भी जताई।
एआई से रोजगार की चुनौती
मेघराज सिंह रॉयल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव को युवाओं के लिए बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि सरकारी क्षेत्र में पहले से ही रोजगार के अवसर सीमित हो रहे हैं और आने वाले समय में एआई के व्यापक इस्तेमाल से पारंपरिक नौकरियों पर और प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में युवाओं को केवल नौकरी पाने की सोच तक सीमित रहने के बजाय उद्यमिता, व्यवसाय और आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने कहा कि बदलते समय में युवाओं को नए कौशल सीखने, बाजार की जरूरत समझने और रोजगार मांगने वाले के बजाय रोजगार देने वाला बनने की दिशा में प्रयास करने चाहिए।
व्यवसाय में विनम्रता के साथ दक्षता जरूरी
पूर्व न्यायाधीश करणी सिंह राठौड़ ने कहा कि व्यवसाय में विनम्रता के साथ व्यावसायिक दक्षता का होना आवश्यक है। उन्होंने राजस्थान में राजपूताना बिजनेस नेटवर्क की शुरुआत को महत्वपूर्ण पहल बताते हुए इसे समाज को नए आर्थिक अवसरों से जोड़ने वाला प्रयास बताया।
आरबीएन के अध्यक्ष आरपी सिंह ने कहा कि अखंड राजपूताना सेवा संघ देशभर के क्षत्रिय समाज के लिए एक मंच के रूप में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह देश में आरबीएन का पांचवां आयोजन है और इसका उद्देश्य आम क्षत्रिय को उसके अस्तित्व, क्षमता और सामर्थ्य का अहसास करवाना है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के व्यवसायियों में प्रतिभा और काबिलियत की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित मंच और नेटवर्क उपलब्ध कराने की है।
नेपाल के मधेश प्रोविन्स के पूर्व प्रधानमंत्री सतीश कुमार सिंह ने देशभर में कार्य कर रहे क्षत्रिय समाज के लोगों का उत्साहवर्धन करने की आवश्यकता बताई। वहीं आरबीएन के राजस्थान प्रभारी जितेंद्र सिंह शेखावत पचार ने कहा कि वर्तमान समय संक्रमण का दौर है। ऐसे समय में व्यवसाय में निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है।
इतिहास और सामाजिक जिम्मेदारियों पर चर्चा
कार्यक्रम में नाचना के पूर्व महाराज विक्रम सिंह नाचना ने राजतंत्र काल के इतिहास तथा क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख करते हुए समाज की पारंपरिक जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज की ऐतिहासिक भूमिका को वर्तमान समय की आवश्यकताओं से जोड़कर आगे बढ़ने की जरूरत है।
समारोह में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि समाज की शक्ति केवल इतिहास और गौरव तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय, उद्यमिता और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी उसका प्रभाव दिखाई देना चाहिए।
तीन दिवसीय कॉन्क्लेव के आगामी दो दिनों में देशभर से आए व्यवसायी, उद्यमी और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। आयोजन का उद्देश्य आपसी व्यावसायिक नेटवर्क को मजबूत करने के साथ युवाओं को नए अवसरों से जोड़ना और समाज में आर्थिक आत्मनिर्भरता की भावना को बढ़ावा देना है।




