बीकानेर। देश की सीमाओं की सुरक्षा में सदैव तत्पर रहने वाले सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बीएसएफ के एसएचक्यू अस्पताल, बीकानेर में स्तन कैंसर एवं लिवर कैंसर जागरूकता कार्यक्रम के साथ निःशुल्क दंत स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में कैंसर विशेषज्ञ डॉ. राहुल कुमार राय (मेडिकल एवं हीमेटो ऑन्कोलॉजिस्ट) ने स्तन एवं लिवर कैंसर के कारणों, शुरुआती लक्षणों, बचाव, समय पर जांच और आधुनिक उपचार पद्धतियों की जानकारी दी। वहीं दंत चिकित्सक डॉ. सोनम राय ने निःशुल्क दंत स्वास्थ्य जांच कर मुख एवं दांतों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।“जो जवान देश की रक्षा करते हैं, उनके स्वास्थ्य की रक्षा भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी”कार्यक्रम का मुख्य संदेश था कि देश की सुरक्षा में समर्पित जवानों के साथ-साथ उनके परिवारों का स्वस्थ रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अक्सर परिवार की जिम्मेदारियों और दैनिक व्यस्तताओं के बीच लोग अपने स्वास्थ्य के छोटे-छोटे संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं। विशेषकर महिलाओं में स्तन कैंसर और आम जनमानस में लिवर से जुड़ी बीमारियों के प्रति जानकारी का अभाव समय पर उपचार में बाधा बन सकता है।डॉ. राहुल कुमार राय ने बताया कि “कैंसर का नाम सुनते ही डरने की नहीं, बल्कि सही जानकारी प्राप्त करने और समय पर उचित कदम उठाने की जरूरत है। कैंसर की समय पर पहचान और वैज्ञानिक उपचार से अनेक मरीजों को बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।”स्तन कैंसर: जागरूकता और समय पर जांच सबसे जरूरीस्तन कैंसर के विषय में जानकारी देते हुए डॉ. राय ने बताया कि महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में स्तन कैंसर का महत्वपूर्ण स्थान है। स्तन में गांठ, आकार या त्वचा में बदलाव, निप्पल से असामान्य स्राव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।उन्होंने बताया कि हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन किसी भी संदिग्ध बदलाव की चिकित्सकीय जांच आवश्यक है। उम्र और व्यक्तिगत जोखिम के अनुसार उचित स्क्रीनिंग तथा समय पर निदान से कैंसर को शुरुआती अवस्था में पहचानने में मदद मिल सकती है।उन्होंने यह भी समझाया कि आज कैंसर का उपचार केवल बड़ी सर्जरी तक सीमित नहीं है। कीमोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और आधुनिक सर्जरी जैसी उपचार पद्धतियों ने विभिन्न प्रकार के कैंसर के इलाज में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उचित मरीजों में इन उपचारों की सहायता से बीमारी को नियंत्रित करने, दोबारा होने का खतरा कम करने और जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।लिवर कैंसर: हेपेटाइटिस, फैटी लिवर और शराब से जुड़े जोखिमों को समझना जरूरीलिवर कैंसर के प्रति जागरूक करते हुए डॉ. राय ने बताया कि हेपेटाइटिस बी एवं सी का संक्रमण, लिवर सिरोसिस, अत्यधिक शराब का सेवन तथा कुछ मरीजों में फैटी लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारी लिवर कैंसर के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं।उन्होंने हेपेटाइटिस बी टीकाकरण, संक्रमण की समय पर जांच और उपचार, स्वस्थ वजन बनाए रखने तथा शराब से परहेज जैसे बचाव के उपायों पर जोर दिया। साथ ही बताया कि लिवर कैंसर कई बार शुरुआती अवस्था में स्पष्ट लक्षण नहीं देता। इसलिए लिवर सिरोसिस और हेपेटाइटिस बी जैसे उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों में चिकित्सकीय सलाह के अनुसार नियमित निगरानी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।डॉ. सोनम राय ने किया निःशुल्क दंत स्वास्थ्य परीक्षणकार्यक्रम के दौरान दंत चिकित्सक डॉ. सोनम राय द्वारा निःशुल्क दंत स्वास्थ्य जांच की गई। उन्होंने दांतों एवं मसूड़ों की नियमित देखभाल, मुख की स्वच्छता तथा समय-समय पर दंत परीक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी।उन्होंने बताया कि मुख एवं दांतों की समस्याओं को लंबे समय तक नजरअंदाज करने से परेशानी बढ़ सकती है। नियमित दंत परीक्षण और उचित देखभाल से अनेक समस्याओं की समय रहते पहचान एवं रोकथाम संभव है।वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थितिइस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम में सीमा सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारियों एवं गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही।कार्यक्रम में डीआईजी श्री अजय लूथरा, कमांडेंट श्री नवीन मोहन शर्मा, कमांडेंट श्री एस. आर. बैरवा, कमांडेंट डॉ. राजेंद्र कुमार गोदारा, एसबीआई बैंक बीएसएफ कैंपस के शाखा प्रबंधक श्री मंजीत कुमार तथा एसी वर्क्स श्री कैलाश गोदारा सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने स्वास्थ्य जागरूकता के इस प्रयास के महत्व को रेखांकित किया।“कैंसर से लड़ाई की पहली जीत है—सही जानकारी”कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि कैंसर के प्रति समाज में व्याप्त डर, भ्रांतियों और जागरूकता की कमी को दूर करना अत्यंत आवश्यक है।“कैंसर की हर कहानी अलग होती है, लेकिन हर मरीज को सही जानकारी, समय पर जांच और बेहतर इलाज पाने का अवसर मिलना चाहिए।”बीएसएफ के एसएचक्यू अस्पताल में आयोजित यह कार्यक्रम जवानों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य के प्रति सजगता बढ़ाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास रहा।देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने वाले जवानों और उनके परिवारों के स्वस्थ जीवन के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रम न केवल चिकित्सा सेवाओं का विस्तार हैं, बल्कि उनके प्रति समाज के सम्मान और जिम्मेदारी की अभिव्यक्ति भी हैं।





