सरकारी स्कूलों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आर एस एस के साहित्य के वितरण और महापुरुषों की तस्वीरें हटाए जाने के मामले को लेकर सीकर जिला कांग्रेस ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों को आर एस एस की शाखा में तब्दील किया जा रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि सरकारी विद्यालय सभी जातियों, धर्मों और विचारधाराओं के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के केंद्र हैं, लेकिन अब इनमें आर एस एस संबंधी साहित्य वितरित किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने सवाल किया कि क्या यह कार्य सरकारी आदेश के तहत किया जा रहा है या पाठ्यक्रम में बदलाव हुआ है। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपलों को बुलाकर ‘संघ यात्रा’ पुस्तक बच्चों को वितरित करने के लिए दी गई है और इसके बदले बच्चों से 30 रुपये लिए जा रहे हैं। इसके अलावा, 8 अगस्त को परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे सवाल उठा है कि यह शिक्षा विभाग का आदेश है या आर एस एस का। “शिक्षा के मंदिर को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का केंद्र ही रहने दें, आर एस एस की शाखा ना बनाएं।” उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द जांच करवाकर RSS के साहित्य वितरण पर रोक लगाई जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने एक और गंभीर मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई विद्यालयों में महापुरुषों की तस्वीरें नहीं लगी हैं। उन्होंने पूछा कि क्या महापुरुषों की फोटो हटाने का कोई आदेश आया है। गठाला ने कहा कि बचपन से स्कूलों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर, भगत सिंह जैसे महापुरुषों की तस्वीरें होती थीं, जिनसे प्रेरणा मिलती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि “भाजपा सरकार पार्टी विशेष की विचारधारा थोपना चाहती है एवं महापुरुषों के इतिहास को मिटाना चाहती है।”ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला, धोद कांग्रेस प्रत्याशी जगदीश दोनोदिया, संगठन महासचिव एड. पुरुषोत्तम शर्मा, रामनिवास बिड़ोदी, ब्लॉक अध्यक्ष राजेश सैनी, मदनलाल चीरानिया, सुरेन्द्र गोलीया, संदीप ओला, बनवारीलाल ढाका, महेंद्र गहलोत, टिकुराम गहलोत, अजय नायक, मुकेश वर्मा सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





