बीकानेर। दीपावली के पावन पर्व पर बीकानेर के युवाओं ने आत्मनिर्भरता और स्वदेशी संकल्प की अनूठी मिसाल पेश की है। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बीकानेर के विद्यार्थियों ने ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान को धरातल पर उतारते हुए पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक और सामग्री से आकर्षक डेकोरेटिव लाइट्स (दीपावली लड़ियां) तैयार की हैं।
विद्यार्थियों के इस हुनर और प्रयास को स्वदेशी जागरण मंच द्वारा चलाए जा रहे विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार अभियान और ‘स्वावलम्बी भारत अभियान’ के तहत जिला स्वावलम्बन केंद्र बीकानेर की मुहिम से प्रेरणा मिली। छात्रों ने बाजार में बिकने वाली चीनी व विदेशी लड़ियों के विकल्प के तौर पर टिकाऊ और सुरक्षित स्वदेशी लाइट्स बनाकर यह संदेश दिया है कि भारतीय हुनर किसी भी मामले में पीछे नहीं है।
संस्थान के मार्गदर्शन से मिला संबल
छात्रों के इस तकनीकी कौशल और नवाचार को गति देने में राजकीय आईटीआई के संयुक्त निदेशक कैलाश खीरीवाल तथा प्रोफेसर राजेंद्र यादव का विशेष मार्गदर्शन और सहयोग रहा। अधिकारियों ने छात्रों की कार्यकुशलता की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वावलंबी बनाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार व उत्पादन के अवसर सृजित करना है।
इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के स्थानीय कार्यकर्ताओं और स्वावलम्बी भारत अभियान के विभाग पूर्णकालिक रघुवीर शर्मा सहित राष्ट्रीय परिषद के पदाधिकारियों ने संस्थान का दौरा कर छात्रों का उत्साहवर्धन किया। प्रतिनिधियों ने कहा कि बीकानेर के छात्रों की यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे स्वदेशी अभियान को जमीनी मजबूती देती है। विदेशी उत्पादों पर निर्भरता कम करके ही देश को वास्तविक रूप से ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनाया जा सकता है।
संस्थान परिसर में प्रदर्शित इन स्वदेशी लाइट्स को देखकर सभी ने छात्रों के हुनर की मुक्तकंठ से सराहना की और नागरिकों से इस दीपावली स्थानीय कारीगरों व स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील की।




