नंदन नीलेकणि कौन हैं ?
जिन्हें PM मोदी ने सौंपी परीक्षा सुधार की जिम्मेदारी..
★ NEET विवाद के बाद बड़ा कदम :
NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने NTA की परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है।
परीक्षा सुधारों के लिए एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो परीक्षा प्रणाली को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के सुझाव देगी।
★ नंदन नीलेकणि संभालेंगे टास्क फोर्स :
इस हाई-पावर्ड टास्क फोर्स में टेक्नोलॉजी और परीक्षा प्रणाली से जुड़े विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।
इसकी अगुवाई इंफोसिस के को-फाउंडर और आधार प्रोजेक्ट से जुड़े नंदन नीलेकणि करेंगे, जिनके पास बड़े डिजिटल सिस्टम तैयार करने का लंबा अनुभव है।
★ टास्क फोर्स में कौन-कौन शामिल :
सरकार ने इस पैनल में कई क्षेत्रों के विशेषज्ञों को जगह दी है।
इसमें इसरो के पूर्व चेयरमैन एस सोमनाथ, IB के पूर्व डायरेक्टर तपन डेका, IIT मद्रास के डायरेक्टर वी कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स एक्सपर्ट अमृत लाल मीणा शामिल हैं।
★ क्यों चुने गए नंदन नीलेकणि ?
नंदन नीलेकणि ने आधार जैसे बड़े डिजिटल प्रोजेक्ट को आकार देने में अहम भूमिका निभाई है।
अब उनकी तकनीकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित बनाने, पेपर लीक रोकने और NTA के सिस्टम में सुधार के लिए किया जाएगा।
★ परीक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव?
नई टास्क फोर्स टेक्नोलॉजी, डेटा सिक्योरिटी और परीक्षा प्रक्रिया में स्ट्रक्चरल रिफॉर्म को लेकर सरकार को सुझाव देगी।
लक्ष्य है कि देश में परीक्षाएं ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बन सकें।





