छतरगढ़। छतरगढ़ कस्बे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाली घटना सामने आई है। करीब आठ वर्षीय बच्ची को कथित तौर पर विद्यालय के गेट के बाहर से आवाज देकर और इशारे से बाहर बुलाने का प्रयास किया गया। बच्ची को चॉकलेट-टॉफी का लालच देते हुए कथित रूप से कहा गया कि मम्मी बुला रही है। बच्ची ने सूझबूझ और सतर्कता का परिचय देते हुए विद्यालय परिसर से बाहर जाने से इनकार कर दिया। घर पहुंचने के बाद उसने पूरी घटना अपनी मां को बताई, जिसके बाद परिजनों को मामले की जानकारी हुई। घटना के बाद विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और गेट पर निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल के बाहर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पर्याप्त निगरानी व्यवस्था जरूरी है। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले श्रीगंगानगर जिले के घड़साना मंडी क्षेत्र में भी एक व्यक्ति कथित तौर पर अभिभावक बनकर स्कूल परिसर में पहुंचा था। शिक्षक की सतर्कता के चलते उसे बच्चे के साथ बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। शिक्षक ने बच्चे की मां से फोन पर बात कर स्थिति की पुष्टि की, जिसके बाद पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी संबंध की पुष्टि अभी नहीं हुई है। स्थानीय जागरूक नागरिक राजकुमार ने अभिभावकों से बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को समझाया जाए कि वे किसी अनजान व्यक्ति से चॉकलेट, टॉफी या अन्य सामान नहीं लें। साथ ही, यदि कोई व्यक्ति यह कहकर बुलाए कि मम्मी-पापा बुला रहे हैं, तो शिक्षक या परिवार के विश्वसनीय सदस्य से पुष्टि किए बिना स्कूल से बाहर न जाएं। उन्होंने विद्यालयों में मुख्य गेट पर निगरानी, सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था और बच्चों के आने-जाने पर विशेष नजर रखने की आवश्यकता बताई। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तत्काल विद्यालय प्रशासन, अभिभावकों और पुलिस को देने की अपील की गई। फिलहाल इन घटनाओं के आधार पर किसी गिरोह के सक्रिय होने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में बिना पुलिस जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचने या अफवाह फैलाने से बचना जरूरी है। हालांकि, बच्ची की सतर्कता ने संभावित अनहोनी को टाल दिया। घटना के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूल प्रशासन और अभिभावकों की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो गई है।




