पितृपक्ष में सूर्य मंदिर में हो रहा तर्पण, संतों और शहीदों के नाम से भी अर्पित किया जा रहा जल

बीकानेर, 1 अक्टूबर। पितृपक्ष के अवसर पर बीकानेर के नत्थूसर गेट के बाहर स्थित भगवान सूर्य मंदिर में विशेष तर्पण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन मदन गोपाल शर्मा के सानिध्य में चल रहा है। कार्यक्रम के दौरान पंडित योगेश भादानी द्वारा विधि-विधानपूर्वक नित्य कर्म एवं पूजा-अर्चना करवाई जा रही है।
तर्पण कार्यक्रम में बीकानेर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य राजेंद्र व्यास ‘ममू महाराज’, अरविंद भादानी, नवनीत पुरोहित, राजा व्यास, अजय पारीक, सुखदेव आचार्य, जगदीश शर्मा सहित अनेक श्रद्धालु एवं धर्मप्रेमीजन प्रमुख रूप से भाग ले रहे हैं।
जलकुंड में खड़े होकर किया जा रहा विशेष तर्पण
कार्यक्रम की विशेषता यह है कि श्रद्धालु सूर्य मंदिर परिसर स्थित जलकुंड में खड़े होकर विधि-विधानपूर्वक तर्पण कर रहे हैं। तर्पण के दौरान पूजन सामग्री में विशेष रूप से काले तिल और पुष्प का उपयोग किया जा रहा है। श्रद्धालु मंत्रोच्चार के साथ जल अर्पित कर अपने पितरों एवं दिवंगत आत्माओं की शांति की कामना कर रहे हैं।
संतों और महापुरुषों के नाम से भी तर्पण
आयोजन की एक विशेष परंपरा यह है कि यहां केवल अपने पितरों के लिए ही तर्पण नहीं किया जाता, बल्कि देश के संत-महात्माओं, साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों तथा समाज के लिए अपना योगदान देने वाले विभिन्न लोगों के नाम से भी श्रद्धापूर्वक तर्पण किया जाता है।
देश के महान संतों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए बाबा नीम करोली, देवघर बाबा, बीकानेर के संत श्री रामसुखदास जी महाराज, गंगाई नाथ जी महाराज सहित अनेक संतों के नाम से भी तर्पण किया जा रहा है। इसके साथ ही बीकानेर के साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों तथा दिन-दुखी एवं जरूरतमंद लोगों के नाम से भी विशेष रूप से तर्पण किया जाता है।
9 अक्टूबर को शहीदों के नाम से होगा तर्पण
आयोजन के क्रम में 9 अक्टूबर को देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए बीकानेर तथा अन्य क्षेत्रों के वीर जवानों की स्मृति में विशेष तर्पण किया जाएगा। इस अवसर पर राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके नाम से जल अर्पित किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार पितृपक्ष केवल अपने पूर्वजों के स्मरण का अवसर नहीं है, बल्कि उन सभी दिवंगत आत्माओं के प्रति कृतज्ञता और श्रद्धा व्यक्त करने का समय भी है, जिन्होंने समाज, धर्म, साहित्य और राष्ट्र के लिए अपना योगदान दिया।
अमावस्या परहेमाद्रि संकल्प तर्पण हवन के साथ होगा समापन
तर्पण कार्यक्रम का समापन 10 अक्टूबर को अमावस्या के दिन हेमाद्रि संकल्प और तर्पण विशेष हवन एवं धार्मिक अनुष्ठान के साथ किया जाएगा। इस दौरान विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पितरों एवं दिवंगत आत्माओं की शांति तथा परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की जाएगी।
पितृपक्ष के दौरान आयोजित इस विशेष तर्पण कार्यक्रम में श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा के साथ भाग ले रहे हैं तथा अपने पितरों के साथ-साथ संतों, महापुरुषों, साहित्यकारों, समाजसेवियों और राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले वीरों का भी स्मरण कर रहे हैं।

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