30 साल बाद फिर सजा आचार्यों का चौक, ‘पाटे’ पर गूंजी कविताएं और झूम उठे श्रोता

बीकानेर। अमरसिंह राठौड़ की वीर रस प्रधान रम्मत के मंचन के लिए प्रसिद्ध आचार्यों के चौक के ‘पाटे’ एक बार फिर मंच बने और लगभग तीस वर्षों बाद यहां कविताएं गूंजी। शहर के कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की तो श्रोता मंत्रमुग्ध नजर आए। अवसर था रोटरी क्लब ऑफ बीकानेर राॅयल्स और प्रसार के साझा प्रयासों से रविवार को शुरू ‘जन मन काव्य यात्रा’ के पहले पड़ाव का। मंचीय काव्य परम्परा को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से प्रारम्भ यात्रा का पहला पड़ाव दिवंगत कवि गौरी शंकर आचार्य ‘अरुण’ को समर्पित रहा। अध्यक्षता शिक्षा निदेशालय के सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक डाॅ. विजय शंकर आचार्य ने की। कार्यक्रम में मनीषा आर्य सोनी, इरशाद अजीज, संजय आचार्य वरूण, मोनिका गौड़, विप्लव व्यास, आनंद मस्ताना, बाबूलाल छंगाणी और डाॅ. हरिशंकर आचार्य की भागीदारी रही। कवियों ने हिंदी, राजस्थानी और उर्दू की विभिन्न रसों की रचनाएं प्रस्तुत की। समारोह में रोटरी क्लब के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर बृज मोहन अग्रवाल, पूर्व गवर्नर हरीश गौड़, जिला महासचिव इंद्रपाल शर्मा, सहायक गवर्नर आनंद आचार्य, अध्यक्ष विपिन लढ्ढा, सचिव जगदीप सिंह ओबेराॅय, ऋषि धामू, डाॅ. विजय शंकर आचार्य और विनय हर्ष, युवा उद्यमी अनुज मित्तल, डाॅ. चंद्रशेखर श्रीमाली, गोपाल जोशी, हरीश बी. शर्मा, डाॅ. नमामी शंकर आचार्य, योगेश राजस्थानी, कृष्ण कांत व्यास सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। *दूसरी और तीसरी पीढ़ी के रचनाओं ने पढ़ी कविताएं*एक दौर में गौरी शंकर आचार्य ‘अरुण’, अजीज आजाद और भवानी शंकर व्यास ‘विनोद’ सरीखे वरिष्ठ कवि आचार्यों के चौक में अपनी कविताएं पढ़ते थे। वहीं रविवार को ‘अरुण’ के पुत्र संजय वरुण, अजीज आजाद के पुत्र इरशाद अजीज और ‘विनोद’ के पौत्र विप्लव व्यास ने आचार्यों के चौक के पाटे पर सजे मंच से पहली बार कविताएं पढ़ी। रोटरी क्लब ऑफ बीकानेर राॅयल्स के अध्यक्ष इंजी. विपिन लढ्ढा ने आभार जताया और मोबाइल के आज के दौर में कविता सुनने बड़ी संख्या में श्रोताओं के आने की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह नवाचार मंचीय काव्य परम्परा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण रहेगा। *दूसरा पड़ाव 25 अक्टूबर को, ‘राजस्थानी’ को होगा समर्पित*जन मन काव्य यात्रा का दूसरा पड़ाव 25 अक्टूबर को कीकाणी व्यासों चौक के पाटों पर होगा। प्रसार के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. हरि शंकर आचार्य ने बताया कि यह पड़ाव राजस्थानी के मूर्धन्य साहित्यकार मुरलीधर व्यास ‘राजस्थानी’ को समर्पित रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यक्रम में नए कवियों को भी मंच पर कविताएं पढ़ने का अवसर दिया जाएगा।

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